logo
Select Language
Hindi
Bengali
Tamil
Telugu
Marathi
Gujarati
Kannada
Malayalam
Punjabi
Urdu
Oriya

गढ़वा-पलामू के युवाओं की आवाज बने पूर्व मंत्री मिथिलेश कुमार ठाकुर: जेटेट नियमावली पर सरकार का बड़ा कदम

गढ़वा: झारखंड की हेमंत सोरेन सरकार ने राज्य के युवाओं के हित में एक अत्यंत सराहनीय और स्वागत योग्य कदम उठाया है। पलामू प्रमंडल के युवाओं की लंबे समय से चली आ रही मांग और उनकी आवाज को बुलंद करते हुए पूर्व मंत्री सह झारखंड मुक्ति मोर्चा (JMM) के केंद्रीय महासचिव माननीय श्री मिथिलेश कुमार ठाकुर जी ने स्थानीय भाषाई वास्तविकता को प्राथमिकता देने की जोरदार वकालत की है।
​क्या है मामला?
हाल ही में जेटेट (JTET) नियमावली को लेकर उपजे विवाद और युवाओं की नाराजगी को देखते हुए, माननीय मिथिलेश ठाकुर जी ने सरकार के समक्ष पलामू प्रमंडल की भाषाई विशिष्टता को पुरजोर तरीके से रखा। उन्होंने मांग की कि पलामू प्रमंडल में भोजपुरी, मगही और हिंदी जैसी भाषाओं को परीक्षा के विकल्पों में अनिवार्य रूप से शामिल किया जाए, ताकि यहाँ के योग्य अभ्यर्थियों के साथ कोई अन्याय न हो और उन्हें अपनी मातृभाषा या स्थानीय भाषा में परीक्षा देने का पूर्ण अवसर मिले।
​युवाओं में हर्ष की लहर
माननीय पूर्व मंत्री के कड़े रुख और सकारात्मक पहल के बाद सरकार ने जेटेट नियमावली पर कैबिनेट के फैसले को फिलहाल टाल दिया है और इसे नए सिरे से विचार करने का निर्णय लिया है। इस निर्णय को गढ़वा-पलामू के छात्रों ने 'शुभ समाचार' बताया है।
​सोशल मीडिया के माध्यम से अपनी प्रतिक्रिया देते हुए पूर्व मंत्री मिथिलेश ठाकुर जी ने कहा, "जेटेट नियमावली पर पुनर्विचार का निर्णय हमारे युवाओं की जीत है। अब गढ़वा-पलामू के छात्रों को अनुचित दंड का भागी नहीं बनना पड़ेगा। हेमंत सरकार हमेशा युवाओं के भविष्य के प्रति संवेदनशील है।"
​इस पहल से पूरे पलामू प्रमंडल के युवाओं में उत्साह है और वे माननीय मिथिलेश ठाकुर जी के प्रति आभार व्यक्त कर रहे हैं। स्थानीय युवाओं का कहना है कि मिथिलेश जी ने एक बार फिर साबित कर दिया है कि वे गढ़वा की माटी और यहाँ के निवासियों के हक-अधिकार के लिए सदैव तत्पर रहते हैं।

7
1630 views

Comment