स्वच्छता को लेकर कार्रवाई का जताया विरोध
मुख्यमंत्री विकसित ग्राम एवं शहरी वार्ड अभियान के तहत संपूर्ण एवं निरंतर स्वच्छता को लेकर की जा रही दमनात्मक कार्रवाई का विरोध जताते हुए ग्राम विकास अधिकारी संघ ब्लॉक अध्यक्ष रजिया सुल्ताना के नेतृत्व में ग्राम विकास अधिकारियों ने पंचायतीराज मंत्री मदन दिलावर के नाम बीडीओ हर्ष कुमार महावर को ज्ञापन सौंपा।
ज्ञापन में बताया कि संपूर्ण एवं निरंतर स्वच्छता रखने के लिए गत दो वर्षों से दिए जा रहे निर्देशों की पालना में विभाग की ओर से बीएसआर दरें निर्धारण से लेकर मूल्यांकन एवं भुगतान प्रक्रिया के संबंध में परिपत्र जारी किए जा रहे हैं। कुछ तकनीकी एवं व्यावहारिक जटिताओं, कुछ उच्चाधिकारियों की उदासीनता, व्यक्तिगत हितों की पूर्ति के लिए विभागीय निर्देशों के विपरीत कार्य करने से सफाई की प्रक्रिया में बाधा उत्पन्न हो रही है।
प्रदेश में सफाई के लिए तैयार किए जाने वाले जी-श्यूडयूल में एकरूपता नहीं है। कुछ जनप्रतिनिधियों एवं अधिकारियों ने निजी हित पूर्ण करने के लिए ऐसे संवेदकों को निविदाएं दी हैं जिनके पास ना ही तो सफाई का अनुभव है एवं ना ही संसाधन हैं। ऐसे अयोग्य संवेदकों को कार्यकारी संस्थाओं द्वारा कार्य करवाने के लिए लगातार नोटिस भी दिए गए हैं। कुछ जगह तो बिना कार्य भुगतान का दबाव बनाया जा रहा है। इसी तरह प्रदेश की शेष ग्राम पंचायतों में 31 मार्च 2026 को निविदा अवधी समाप्त हो गई। ऐसे में इन ग्राम पंचायतों में भी अब तक निविदा आमंत्रित नहीं करने एवं संवेदक नहीं होने के कारण सफाई करवाना संभव नहीं हो रहा है। सातवें राज्य वित्त आयोग के तहत स्वीकृतियां जारी करने के लिए ई-पंचायत पोर्टल पर भी कोई प्रावधान नहीं किया गया है। राशि के अभाव में सफाई प्रक्रिया बाधित हो रही है।
ज्ञापन में विशेष ध्यानाकर्षण करते हुए बताया कि प्रदेश की शत्-प्रतिश्त जिला परिषदों एवं पंचायत समितियों के अधिकारियों द्वारा राज्य एवं केंद्रीय वित्त आयोग की गाइड लाइन के विपरीत स्वच्छता की राशि का उपयोग अन्य कार्यों में किया गया है। ज्ञापन सौंपकर मांग की गई कि इस विषय में राज्य स्तरीय दलों से जांच करवाकर वास्तविक दोषियों के विरूद्ध कार्रवाई की जाए। ज्ञापन देने वालों में ब्लॉक अध्यक्ष रजिया सुल्ताना, सौरभ मीणा, राहुल मीणा, राकेश सहरिया, मौसमी सहरिया, क्रांति सहरिया, पूनम सहरिया व विरेंद्र सहरिया सहित अन्य ग्राम विकास अधिकारी शामिल थे।