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पांच दिवसीय फैकल्टी डेवलपमेंट प्रोग्राम (एफडीपी) का समापन

 खानपुर कलां, 17 अप्रैल।
भगत फूल सिंह महिला विश्वविद्यालय, खानपुर कलां में नई शिक्षा नीति 2020 के प्रभावी क्रियान्वयन को लेकर आयोजित पांच दिवसीय फैकल्टी डेवलपमेंट प्रोग्राम (एफडीपी) का आज समापन हो गया। समापन सत्र में विश्वविद्यालय की कुलपति प्रो. सुदेश एवं कुलसचिव प्रो. शिवालिक यादव ने प्रतिभागियों को संबोधित किया।समापन सत्र की अध्यक्षता करते हुए कुलपति प्रो. सुदेश ने कहा कि यह एफडीपी केवल एक प्रशिक्षण कार्यक्रम नहीं, बल्कि शिक्षण पद्धतियों में सकारात्मक परिवर्तन की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम है। उन्होंने कहा कि पिछले पांच दिनों में शिक्षकों ने जो ज्ञान, कौशल और नवाचार के विचार अर्जित किए हैं, उनका वास्तविक प्रभाव तभी दिखाई देगा जब उन्हें कक्षा में प्रभावी रूप से लागू किया जाएगा। उन्होंने शिक्षकों से आह्वान किया कि वे छात्र-केंद्रित, संवादात्मक और अनुभवात्मक शिक्षण पद्धतियों को अपनाते हुए नई शिक्षा नीति 2020 के उद्देश्यों को साकार करें।उन्होंने आगे कहा कि शिक्षा में गुणवत्ता सुधार के लिए निरंतर सीखना और स्वयं को अपडेट रखना अत्यंत आवश्यक है। इस प्रकार के कार्यक्रम शिक्षकों को नई सोच, नई तकनीकों और नवीन दृष्टिकोण से जोड़ते हैं, जो भविष्य की शिक्षा प्रणाली को सुदृढ़ बनाते हैं। कुलपति ने कहा कि हमारे पास जो रिसोर्स है उनका ज्यादा से ज्यादा प्रयोग करें। जब शिक्षक प्रेरित होंगे तभी विद्यार्थियों को प्रेरित कर सकेंगे। कुलपति ने कहा कि शिक्षक समाज का निर्माण करने वाला होता है।  इस अवसर पर कुलसचिव प्रो. शिवालिक यादव ने अपने संबोधन में कहा कि विश्वविद्यालय का उद्देश्य केवल अकादमिक ज्ञान प्रदान करना ही नहीं, बल्कि एक सक्षम, जागरूक और जिम्मेदार नागरिक तैयार करना भी है। उन्होंने कहा कि नई शिक्षा नीति 2020 इसी दिशा में एक व्यापक दृष्टिकोण प्रस्तुत करती है, जिसमें बहु विषयक शिक्षा, कौशल विकास और नवाचार को विशेष महत्व दिया गया है।प्रो. शिवालिक यादव ने प्रतिभागियों की सराहना करते हुए कहा कि उन्होंने पूरे उत्साह और समर्पण के साथ इस कार्यशाला में भाग लिया, जो निश्चित रूप से उनके शिक्षण कार्य में सकारात्मक बदलाव लाएगा। उन्होंने विश्वास व्यक्त किया कि इस एफडीपी से प्राप्त अनुभव और ज्ञान विश्वविद्यालय के शैक्षणिक वातावरण को और अधिक समृद्ध करेगा।विश्वविद्यालय स्वावलम्ब केंद्र की निदेशक  प्रो अंशु भारद्वाज ने बताया कि कार्यक्रम के दौरान देश के विभिन्न प्रतिष्ठित शिक्षाविदों ने अपने विचार साझा किए। कार्यशाला में स्वदेशी ज्ञान प्रणाली, कौशल विकास, सामुदायिक सहभागिता तथा उच्च शिक्षा में नई संभावनाओं पर भी चर्चा की गयी । कार्यशाला के समन्वयक प्रो रवि भूषण ने कहा कि इस पहल से न केवल शिक्षकों की कार्यक्षमता में वृद्धि होगी, बल्कि कक्षा शिक्षण को अधिक रोचक, प्रभावी एवं परिणामोन्मुखी बनाने में भी सहायता मिलेगी। कार्यक्रम के अंत में प्रतिभागियों को प्रमाण-पत्र वितरित किए गए तथा आयोजकों द्वारा सभी अतिथियों और प्रतिभागियों का आभार व्यक्त किया गया।फोटो कैप्शन :-
03  समापन समारोह को संबोधित करते कुलपति प्रो. सुदेश।

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