शहर की धूल भरी सड़कों से त्रस्त जनता, अब आवेदन नहीं, आंदोलन की तैयारी
गढ़वा: शहर की खस्ताहाल सड़कों और उड़ती धूल ने आम नागरिकों का जीना मुहाल कर दिया है। पिछले कई महीनों से बार-बार प्रशासन और संबंधित विभागों को ज्ञापन सौंपने के बाद भी स्थिति जस की तस बनी हुई है। अब जनता का धैर्य जवाब दे गया है और स्थानीय निवासियों ने अब "आवेदन नहीं, आंदोलन" का संकल्प ले लिया है।
धूल ने छीनी लोगों की सेहत और सुकून
शहर के मुख्य मार्गों और रिहायशी इलाकों की सड़कों पर फैली धूल की परत से राहगीरों, दुकानदारों और स्कूली बच्चों को भारी दिक्कतों का सामना करना पड़ रहा है। सड़कों पर बड़े-बड़े गड्ढे हो गए हैं, जिससे वाहनों का चलना दूभर हो गया है। सबसे गंभीर स्थिति स्वास्थ्य को लेकर है; उड़ती धूल के कारण सांस लेने में तकलीफ, आंखों में जलन और एलर्जी जैसी समस्याएं आम हो गई हैं।
प्रशासन की अनदेखी से जनता में भारी आक्रोश
स्थानीय लोगों का कहना है कि उन्होंने सड़कों की मरम्मत को लेकर अब तक कई बार संबंधित कार्यालयों में आवेदन दिया है, लेकिन केवल आश्वासन के सिवाय उन्हें कुछ नहीं मिला। एक स्थानीय निवासी ने कहा, "हमने बार-बार गुहार लगाई, लेकिन प्रशासन की कान पर जूं तक नहीं रेंग रही है। अब हमें समझ आ गया है कि जब तक सड़कों पर उतरकर विरोध नहीं किया जाएगा, तब तक कोई सुध नहीं ली जाएगी।"
चेतावनी: अब चुप नहीं बैठेगा शहर
अब लोगों ने एक जुट होकर आर-पार की लड़ाई लड़ने का मन बना लिया है। जल्द ही एक जन-आंदोलन की रूपरेखा तैयार की जा रही है। आंदोलनकारियों का स्पष्ट कहना है कि यदि तय समय के भीतर सड़कों का निर्माण या मरम्मत कार्य शुरू नहीं किया गया, तो शहर के मुख्य चौराहों को जाम किया जाएगा और सरकारी कामकाज को ठप करने के लिए बाध्य होना पड़ेगा।