logo
Select Language
Hindi
Bengali
Tamil
Telugu
Marathi
Gujarati
Kannada
Malayalam
Punjabi
Urdu
Oriya

जिला रामबन में वन अधिकार अधिनियम 2006 का अब तक पूर्ण रूप से क्रियान्वयन नहीं

जिला रामबन में वन अधिकार अधिनियम 2006 का अब तक पूर्ण रूप से क्रियान्वयन नहीं
रामबन, जम्मू-कश्मीर:
जिला रामबन में अब तक Forest Rights Act, 2006 का पूर्ण और प्रभावी क्रियान्वयन नहीं हो पाया है, जिसके कारण वन क्षेत्रों में रहने वाले लोगों को गंभीर परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है।
वन अधिकार अधिनियम 2006 का उद्देश्य अनुसूचित जनजातियों तथा परंपरागत वनवासियों को उनके भूमि और आवास संबंधी अधिकार प्रदान करना है। लेकिन जिले के कई गांवों में अब तक व्यक्तिगत और सामुदायिक वन अधिकारों के दावों का निस्तारण नहीं किया गया है या प्रक्रिया अधूरी पड़ी है।
स्थानीय लोगों का कहना है कि वर्षों से वन भूमि पर निवास करने और आवश्यक दस्तावेज होने के बावजूद उन्हें अभी तक कानूनी मान्यता और पट्टा प्रदान नहीं किया गया है। कई स्थानों पर लोगों को वन विभाग की ओर से नोटिस और दबाव का भी सामना करना पड़ता है।
ग्राम सभाओं और वन अधिकार समितियों की कार्यप्रणाली भी कई क्षेत्रों में धीमी बताई जा रही है। जागरूकता की कमी और प्रशासनिक देरी के कारण पात्र परिवार अपने अधिकारों से वंचित हैं।
सामाजिक संगठनों और स्थानीय नागरिकों ने जिला प्रशासन से मांग की है कि वन अधिकार अधिनियम 2006 को जमीनी स्तर पर प्रभावी रूप से लागू किया जाए, लंबित दावों का शीघ्र निस्तारण किया जाए और वनवासियों को उनके वैधानिक अधिकार प्रदान किए जाएं।
यदि इस अधिनियम का सही तरीके से पालन किया जाए तो वन क्षेत्रों में रहने वाले लोगों को स्थायित्व, सुरक्षा और विकास योजनाओं का लाभ मिल सकेगा।

5
690 views

Comment