राज्यकर्मियों के वेतन भुगतान में देरी, अप्रैल भर सामान्य होने की उम्मीद
रांची राज्यकर्मियों के वेतन भुगतान की प्रक्रिया अभी तक पूरी तरह सामान्य नहीं हो सकी है, जिससे कर्मचारियों में असंतोष बढ़ता जा रहा है। निर्धारित प्रारूप में फॉर्म भरकर कर्मचारी जमा कर रहे हैं और डीडीओ (ड्रॉइंग एंड डिस्बर्सिंग ऑफिसर) द्वारा उसका सत्यापन भी किया जा रहा है, इसके बावजूद कोषागारों से वेतन भुगतान में लगातार देरी हो रही है।
जानकारी के अनुसार, कोषागार की ओर से बार-बार विभिन्न प्रकार की आपत्तियां (क्वेरी) उठाई जा रही हैं, जिससे पूरी प्रक्रिया धीमी पड़ गई है। हर स्तर पर जांच और पुनः सत्यापन के कारण भुगतान में अनावश्यक विलंब हो रहा है। वित्त विभाग के सूत्रों का कहना है कि मौजूदा स्थिति को पूरी तरह सामान्य होने में अप्रैल का पूरा महीना लग सकता है।
इस बीच, रांची कोषागार से जुड़ा एक महत्वपूर्ण मामला भी सामने आया है। राज्यपाल संतोष कुमार गंगवार का वेतन भी पिछले तीन दिनों से लंबित है। 13 अप्रैल को वेतन भुगतान का प्रस्ताव कोषागार भेजा गया था, लेकिन आपत्तियों के साथ उसे वापस कर दिया गया। 14 अप्रैल को अवकाश होने के कारण प्रक्रिया आगे नहीं बढ़ सकी और 15 अप्रैल की रात तक भी वेतन का भुगतान नहीं हो पाया।
हालांकि, शुरुआती चरण में कैबिनेट और मुख्यमंत्री सचिवालय के कर्मियों का वेतन जारी कर दिया गया था, लेकिन अन्य विभागों के कर्मचारी अभी भी भुगतान का इंतजार कर रहे हैं।
वेतन में हो रही इस देरी से राज्यकर्मियों के बीच नाराजगी बढ़ रही है और वे जल्द से जल्द प्रक्रिया को सरल और तेज करने की मांग कर रहे हैं।