सभी संभागों में गेहूं का उपार्जन शुरू
सभी संभागों में गेहूँ का उपार्जन शुरू
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✅प्रदेश के सभी संभागों में सुचारु रूप से जारी खरीदी
✅𝟒𝟐,𝟔𝟖𝟗 किसानों से अब तक खरीदी
✅𝟏𝟖.𝟗𝟕 लाख क्विंटल से अधिक उपार्जन
✅₹𝟐𝟔𝟐𝟓 प्रति क्विंटल (बोनस सहित) की दर से भुगतान सुनिश्चित
गेहूँ का उपार्जन सभी संभागों में शुरू हो चुका है। अभी तक 𝟐 लाख 𝟓𝟖 हजार 𝟔𝟒𝟒 किसानों द्वारा 𝟏 करोड़ 𝟏𝟑 लाख 𝟗𝟓 हजार 𝟒𝟎𝟕 क्विंटल गेहूँ के विक्रय के लिये स्लॉट बुक किये जा चुके हैं। किसान गेहूँ बिक्रय के लिये 𝟐𝟒 अप्रैल 𝟐𝟎𝟐𝟔 तक स्लॉट बुक कर सकते हैं। खरीदी के लिये 𝟑𝟏𝟕𝟏 उपार्जन केन्द्र बनाये गये हैं। गेहूँ की खरीदी कार्यालयीन दिवसों में होती है।
उपार्जन केंद्र में किसानों के लिये गेहूँ बिक्री की सभी सुविधाएं
जिन जिलों में गेहूँ उपार्जन की प्रक्रिया शुरू हो गई है, वहाँ गेहूँ विक्रय की सभी सुविधाएं उपलब्ध कराई गई हैं। उपार्जन केन्द्रों में छायादार स्थान में बैठने और पेय जल की समुचित सुविधा उपलब्ध कराई गई है। केंद्र में बारदाने, तौल कांटे सिलाई मशीन, कंप्यूटर, इंटरनेट, गुणवत्ता परीक्षण उपकरण और उपज की साफ सफाई के लिए पंखा, छनना आदि की व्यवस्थाएं भी सुनिश्चित की गई हैं।
रबी विपणन वर्ष 𝟐𝟎𝟐𝟔-𝟐𝟕 में किसानों से 𝟐𝟓𝟖𝟓 रूपये प्रति क्विंटल समर्थन मूल्य एवं राज्य सरकार द्वारा घोषित 𝟒𝟎 रूपये प्रति क्विंटल बोनस राशि सहित 𝟐𝟔𝟐𝟓 रूपये प्रति क्विंटल की दर से गेहूँ का उपार्जन किया जा रहा है। गेहूँ के उपार्जन के लिये आवश्यक बारदानों की व्यवस्था की जा चुकी है।
उपार्जित गेहूँ को रखने के लिये जूट बारदानों के साथ ही पीपी/एचडीपी बैग एवं जूट के भर्ती बारदाने का उपयोग किया जा रहा है। समर्थन मूल्य पर उपार्जित गेहूँ के सुरक्षित भंडारण की पर्याप्त व्यवस्था की गई है। उपार्जित गेहूं में से 𝟖 लाख 𝟔𝟓 हजार 𝟔𝟎𝟎 क्विंटल गेहूँ का परिवहन किया जा चुका है।
प्रदेश में गेहूँ उपार्जन के लिये इस वर्ष रिकार्ड 𝟏𝟗 लाख 𝟒 हजार किसानों ने पंजीयन कराया है, जो पिछले वर्ष की तुलना में 𝟑 लाख 𝟔𝟎 हजार अधिक है। विगत वर्ष समर्थन मूल्य पर लगभग 𝟕𝟕 लाख मीट्रिक टन गेहूँ का उपार्जन किया गया था। इस वर्ष युद्ध की विपरीत परिस्थितियों के बावजूद किसानों के हित में सरकार द्वारा 𝟕𝟖 लाख मीट्रिक टन गेहूँ के उपार्जन का लक्ष्य रखा गया है, जो कि पिछले वर्ष से एक लाख मीट्रिक टन अधिक है।
Dr Mohan Yadav
Aidal Singh Kansana
Jansampark Madhya Pradesh