बड़ी कार्रवाई: ज्योती सावित्री स्कूल की बदनामी करना पड़ा भारी, प्रभारी गट शिक्षा अधिकारी गोविंद लाखे निलंबित!
पुणे: महाराष्ट्र के पुणे जिले में शिक्षा विभाग से जुड़ी एक बड़ी खबर सामने आई है। पुरंदर तालुका के खानवडी स्थित 'ज्योती सावित्री जिला परिषद स्कूल' के बारे में भ्रामक और गलत जानकारी फैलाना प्रभारी गट शिक्षा अधिकारी (BEO) गोविंद हरिभाऊ लाखे को भारी पड़ गया। जिला प्रशासन ने सख्त रुख अपनाते हुए उन्हें तत्काल प्रभाव से निलंबित कर दिया है।
क्या है पूरा मामला?
हाल ही में मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस के हाथों उद्घाटन की गई ज्योती सावित्री जिला परिषद स्कूल को लेकर शिक्षा विस्तार अधिकारी एवं प्रभारी गट शिक्षा अधिकारी गोविंद लाखे ने प्रसार माध्यमों (मीडिया) में बयान दिया था। उन्होंने दावा किया था कि इस स्कूल को मान्यता नहीं है। उनके इस गैर-जिम्मेदाराना बयान से न केवल स्कूल की छवि धूमिल हुई, बल्कि पूरे जिला परिषद प्रशासन की बदनामी हुई।
प्रशासन का कड़ा एक्शन
मामले की गंभीरता को देखते हुए पुणे जिला परिषद के मुख्य कार्यकारी अधिकारी (CEO) गजानन पाटील ने संज्ञान लिया। जांच में अधिकारी का कृत्य 'महाराष्ट्र जिला परिषद सेवा शर्त नियमों' का उल्लंघन पाया गया। इसके बाद उन पर निलंबन की गाज गिरा दी गई।
निलंबन के दौरान सख्त निर्देश
प्रशासन द्वारा जारी आदेश के अनुसार, निलंबन की अवधि के दौरान गोविंद लाखे को बिना मुख्यालय (पंचायत समिति राजगड) की पूर्व अनुमति के अपना स्थान छोड़ने की सख्त मनाही है।
इस कार्रवाई से पूरे प्रशासनिक महकमे में हड़कंप मच गया है। शिक्षा विभाग ने स्पष्ट संदेश दिया है कि किसी भी अधिकारी द्वारा पद का दुरुपयोग और विभाग की छवि खराब करने की कोशिश को कतई बर्दाश्त नहीं किया जाएगा।