सिर्फ आयुष्मान कार्ड से इलाज हो जाना काफी नहीं है, पारदर्शिता और गुणवत्ता भी उतनी ही जरूरी है।
छत्तीसगढ़ (और पूरे देश में आयुष्मान भारत योजना) के तहत इलाज कैशलेस होता है, लेकिन कुछ गंभीर समस्याएँ अक्सर सामने आती हैं:
भिलाई दुर्ग के कुछ अस्पतालो में जब मरीजों से जानकारी ली गई तो उनका कहना है हमसे दवाई का पैसा कुछ जांच करने का पैसा अलग से लिया गया
समस्या क्या है?
मरीज को दवाइयों और इलाज का पूरा बिल/डिटेल नहीं दिया जाता
अस्पताल कई बार पैकेज के नाम पर कम या गलत इलाज कर देते हैं
मरीज या परिवार को इलाज की पूरी जानकारी नहीं मिलती
सरकार की तरफ से जांच और निगरानी (monitoring) कमजोर रहती है
कई मामलों में लापरवाही या अनावश्यक भर्ती भी देखी गई है
मरीज के अधिकार क्या हैं?
आपको यह जानना जरूरी है कि:
आप इलाज का पूरा विवरण (Treatment Summary) मांग सकते हैं
आप दवाई और जांच का रिकॉर्ड मांगने के हकदार हैं
अस्पताल को डिस्चार्ज समरी देना अनिवार्य है
बिना जानकारी के कोई अतिरिक्त पैसा लेना गैरकानूनी है
अगर लापरवाही या गड़बड़ी लगे तो क्या करें?
1. तुरंत शिकायत करें
आयुष्मान हेल्पलाइन: 14555 / 1800-111-565
अस्पताल में मौजूद आयुष्मान मित्र (help desk) से शिकायत दर्ज कराएँ
2. ऑनलाइन शिकायत
National Health Authority की वेबसाइट या ऐप पर शिकायत दर्ज कर सकते हैं
3. राज्य स्तर पर
छत्तीसगढ़ में स्टेट हेल्थ एजेंसी (SHA) को लिखित शिकायत दें
4. सबूत रखें
अस्पताल की पर्ची, रिपोर्ट, फोटो, वीडियो — सब सुरक्षित रखें
सरकार की जिम्मेदारी
आपकी बात सही है —
सरकार को चाहिए कि:
अस्पतालों की नियमित ऑडिट (जांच) करे
मरीज से फीडबैक अनिवार्य रूप से ले
लापरवाही पर कड़ी कार्रवाई (पेनल्टी/ब्लैकलिस्ट) करे
आपकी बात का सार
आप जो मुद्दा उठा रहे हैं, वह सिर्फ व्यक्तिगत नहीं बल्कि सिस्टम की बड़ी समस्या है —
👉 इलाज हो रहा है, लेकिन पारदर्शिता और जवाबदेही की कमी है