logo
Select Language
Hindi
Bengali
Tamil
Telugu
Marathi
Gujarati
Kannada
Malayalam
Punjabi
Urdu
Oriya

किसान परिवार के HCS अभ्यर्थियो की मांग गेहूं कटाई के चलते समय-अवरोध को ध्यान में रखते हुए HCS (प्रारंभिक) परीक्षा 2026 को 2 माह स्थगित करने की मांग

हरियाणा, दिनांक: 15 अप्रैल 2026
हरियाणा के किसान परिवारों, मजदूर वर्ग तथा HCS अभ्यर्थियों की ओर से एक महत्वपूर्ण जनहित मुद्दा उठाया जा रहा है। आगामी 26 अप्रैल 2026 को प्रस्तावित हरियाणा सिविल सेवा (HCS) प्रारंभिक परीक्षा की तिथि ऐसे समय निर्धारित की गई है, जब पूरे प्रदेश में गेहूं की कटाई, बिक्री एवं तूड़ी प्रबंधन अपने चरम पर होता है।
हरियाणा, जो देश के खाद्यान्न उत्पादन में महत्वपूर्ण योगदान देता है, वहां इस अवधि में अधिकांश किसान परिवार पूरी तरह कृषि कार्यों में संलग्न रहते हैं। ऐसे में किसान परिवारों से आने वाले अभ्यर्थी परीक्षा से पूर्व के सबसे महत्वपूर्ण रिवीजन समय में अपनी पढ़ाई पर एकाग्र नहीं हो पा रहे हैं।
यह भी उल्लेखनीय है कि:
- HCS 2026 में कुल लगभग 102 पद, जिनमें लगभग 24 पद SDM के हैं
- परीक्षा का सिलेबस जनवरी 2026 में, आवेदन से मात्र 10–15 दिन पूर्व बदला गया
- प्रदेश के लगभग 60–65% अभ्यर्थी किसान, मजदूर एवं वंचित वर्ग से आते हैं
इन परिस्थितियों के कारण बड़ी संख्या में अभ्यर्थियों के लिए समान अवसर प्रभावित हो रहा है। यह केवल परीक्षा तिथि का विषय नहीं, बल्कि समान प्रतिस्पर्धा, सामाजिक न्याय और प्रशासनिक सेवाओं में समावेशिता का प्रश्न है I
अतः हम हरियाणा सरकार, हरियाणा लोक सेवा आयोग (HPSC) तथा संबंधित सभी प्राधिकरणों से विनम्र निवेदन करते हैं कि इस विषय पर गंभीरतापूर्वक विचार करते हुए HCS (प्रारंभिक) परीक्षा 2026 को कम से कम 1.5 से 2 माह के लिए स्थगित किया जाए, ताकि सभी वर्गों के अभ्यर्थियों को समान एवं निष्पक्ष अवसर मिल सके।
साथ ही, सभी किसान संगठनों, सामाजिक संस्थाओं एवं जनप्रतिनिधियों से भी अपील की जाती है कि वे इस जनहित मुद्दे को आगे बढ़ाएँ और प्रभावित अभ्यर्थियों के समर्थन में अपनी आवाज उठाएँ।
“यह केवल एक परीक्षा नहीं, बल्कि लाखों किसान परिवारों के सपनों और समान अवसर का प्रश्न है।”
भवदीय,
नरेश नैन (कालवन)
प्रवक्ता
भारतीय किसान यूनियन
मोबाइल: 9991109555

एवं
समस्त किसान परिवार एवं HCS अभ्यर्थी, हरियाणा

2
167 views

Comment