आयोजन रत्नेश भंडारी ऑडिटोरियम में किया गया
जो भारत का विचार है वही संघ का विचार है - आशीष जाधम
राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ शताब्दी वर्ष पर धामनोद में प्रबुद्धजन गोष्ठी
धामनोद //
संघ की अपनी कोई अलग विचारधारा नहीं है । भारत का संपूर्ण राष्ट्र का जो मूल तत्व मूल विचार है वही संघ का विचार है । देश, राज्य ओर राष्ट्र में बड़ा अंतर है । देश की भौगोलिक सीमा होती है, राज्य एक प्रशासनिक व्यवस्था होती है जबकि राष्ट्र की कोई सीमा नहीं होती है ।
ये उद्गार राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ के शताब्दी वर्ष के उपलक्ष्य में धामनोद में प्रबुद्धजन गोष्ठी के सफल आयोजन के दौरान मुख्य वक्ता के रूप में खरगोन से पधारे संघ के प्रांत सह बौद्धिक प्रमुख आशीष जाधम ने व्यक्त किए । उन्होंने अपने उद्बोधन में संघ के 100 वर्षों की गौरवशाली यात्रा, राष्ट्र निर्माण में समाज की भूमिका, सेवा, संस्कार एवं समरसता के महत्व पर प्रकाश डाला। साथ ही समाज के प्रत्येक वर्ग को राष्ट्रहित में सक्रिय भूमिका निभाने का आह्वान किया ।
गोष्ठी का उद्देश्य समाज के प्रबुद्ध एवं जागरूक नागरिकों को संघ के शताब्दी वर्ष के महत्व तथा संगठन के सेवा कार्यों से अवगत कराना रहा ।
गोष्ठी में धामनोद खंड की विभिन्न 60 श्रेणियों से लगभग 150 सज्जन शक्तियों, नगर एवं खंड के गणमान्य नागरिक, सामाजिक कार्यकर्ता, व्यापारी, शिक्षाविद, युवा वर्ग एवं विभिन्न क्षेत्रों के प्रतिनिधि उपस्थित रहे । सभी ने आयोजन को प्रेरणादायक बताते हुए समाजहित में निरंतर कार्य करने का संकल्प लिया ।
अंत में आयोजकों द्वारा सभी उपस्थित सज्जनों का आभार व्यक्त कर समरसता भोज के साथ समापन किया गया ।