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भारत में टीवी पत्रकारिता के दिग्गज नामों में शुमार प्रणय रॉय एक बार फिर अपने काम को लेकर चर्चा में हैं।

उम्र के इस पड़ाव पर भी उनका जमीनी स्तर पर उतरकर रिपोर्टिंग करना पत्रकारिता के प्रति उनके समर्पण को दर्शाता है।

दरअसल, NDTV के सह-संस्थापक रहे प्रणय रॉय को लेकर सोशल मीडिया पर एक वीडियो तेजी से वायरल हो रहा है, जिसमें वे पश्चिम बंगाल में चुनावी माहौल के बीच ग्राउंड रिपोर्टिंग करते नजर आ रहे हैं। वीडियो में उनके एक हाथ में माइक और दूसरे हाथ में मोबाइल फोन दिखाई देता है, जो यह बताता है कि संसाधन सीमित हों या परिस्थितियां बदल जाएं, पत्रकारिता का जज्बा कम नहीं होता।

गौरतलब है कि प्रणय रॉय भारतीय टेलीविजन न्यूज़ इंडस्ट्री के उन शुरुआती चेहरों में से रहे हैं, जिन्होंने देश में न्यूज़ चैनलों की मजबूत नींव रखी। उन्होंने वर्षों तक निष्पक्ष और गंभीर पत्रकारिता की पहचान बनाई। हालांकि, समय के साथ मीडिया इंडस्ट्री में कई बड़े बदलाव आए और NDTV के स्वामित्व में भी परिवर्तन देखने को मिला।

इन सबके बावजूद, प्रणय रॉय का सक्रिय रहना यह साबित करता है कि एक सच्चा पत्रकार कभी रिटायर नहीं होता। वे आज भी डिजिटल प्लेटफॉर्म और यूट्यूब जैसे माध्यमों के जरिए लोगों तक सच्चाई पहुंचाने का प्रयास कर रहे हैं।

उनकी यह पहल नई पीढ़ी के पत्रकारों के लिए एक प्रेरणा है—कि पत्रकारिता सिर्फ एक पेशा नहीं, बल्कि समाज के प्रति जिम्मेदारी है। उम्र, संसाधन या परिस्थितियां चाहे कैसी भी हों, अगर जज्बा कायम है तो सच की आवाज हमेशा बुलंद रहेगी।

निष्कर्ष:
प्रणय रॉय का यह अंदाज यह संदेश देता है कि पत्रकारिता का असली मतलब है—जमीनी सच्चाई को सामने लाना। उनका यह समर्पण और सक्रियता न सिर्फ सराहनीय है, बल्कि पूरे मीडिया जगत के लिए एक मिसाल भी है।

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