संस्कारशाला के माध्यम से समाज में सकारात्मक संदेश का प्रयास।
बाराबंकी-"Raashtreey jagran manch" के तत्वावधान में तथा अखिल भारतीय कायस्थ महासभा के सहयोग से, अभयाश्रम ओंकारेश्वर पीठाधीश्वर गुरु श्री प्रणवानंद जी महाराज की अध्यक्षता में Kailash Ashram,में संस्कारशाला का आयोजन किया गया।
कार्यक्रम का संचालन करते हुए मंच अध्यक्ष Manoj Srivastava ने इसके उद्देश्यों पर प्रकाश डालते हुए कहा कि वर्तमान समय में परिवारों का विखंडन बढ़ रहा है, किशोरावस्था में बच्चे दिग्भ्रमित हो रहे हैं तथा बुजुर्ग वृद्धाश्रमों की ओर जा रहे हैं। ऐसे चिंताजनक माहौल में समाज को सकारात्मक दिशा देने के उद्देश्य से संस्कारशाला का आयोजन किया गया है।
इस अवसर पर स्वामी प्रणवानंद जी, स्वामी राघवानंद जी, स्वामी ब्रह्मचारी मोहन चैतन्य जी एवं स्वामी राम चरित शास्त्री जी ने अपने उद्बोधन में कहा कि हमें अपने धर्म और संस्कारों के प्रति जागरूक होना अत्यंत आवश्यक है। उन्होंने बताया कि बच्चों में संस्कारों का विकास जन्म से ही प्रारंभ कर देना चाहिए, तभी समाज में सकारात्मक परिवर्तन संभव है।
उन्होंने आगे कहा कि यदि व्यक्ति प्रतिदिन प्रातः सूर्योदय से पहले उठकर ध्यान करता है, तो उसमें अद्भुत आध्यात्मिक ऊर्जा का संचार होता है, जो जीवन को सफलता की ओर अग्रसर करता है। साथ ही, उन्होंने कृत्रिम सामाजिक कुरीतियों के बहिष्कार का आह्वान किया, जिनके कारण तलाक जैसी गंभीर समस्याएं उत्पन्न हो रही हैं।
कार्यक्रम में अखिल भारतीय कायस्थ महासभा के जिलाध्यक्ष सुबोध श्रीवास्तव, महामंत्री अजय श्रीवास्तव, उपाध्यक्ष अरविंद श्रीवास्तव, युवा महामंत्री अभिषेक श्रीवास्तव तथा स्वामी दयाल श्रीवास्तव सहित अनेक कार्यकर्ता एवं श्रद्धालु उपस्थित रहे।