महराजगंज में बिहार के पांच जालसाज गिरफ्तार:पुराने मोबाइल के बदले कंबल-बर्तन देकर चल रहा था साइबर फ्रॉड का खेल
एडीजी गोरखपुर जोन अशोक मुथा जैन के निर्देश पर एसपी महराजगंज शक्ति मोहन अवस्थी द्वारा साइबर अपराध के खिलाफ चलाए जा रहे अभियान के तहत बुधवार को पुलिस को बड़ी सफलता मिली। साइबर क्राइम थाना और श्यामदेउरवां थाना पुलिस की संयुक्त टीम ने परतावल नहर पटरी से 5 शातिर साइबर आरोपियों को गिरफ्तार किया। कार्रवाई साइबर क्राइम थाना प्रभारी निरीक्षक सजनू यादव और श्यामदेउरवां थाना प्रभारी अभिषेक सिंह के नेतृत्व में की गई। पूछताछ में आरोपियों ने बताया कि सरकार द्वारा साइबर अपराध में इस्तेमाल होने वाले मोबाइल फोन के IMEI नंबर ब्लॉक किए जाने के बाद उन्होंने नया तरीका अपनाया था। गांव-गांव घूमकर इकट्ठा करते थे पुराने मोबाइल आरोपी पूरे देश के गांवों में फेरी लगाकर लोगों से पुराने मोबाइल फोन के बदले कंबल या बर्तन देकर मोबाइल इकट्ठा करते थे। इसके बाद इन मोबाइलों को कोलकाता ले जाकर एक साथी को बेच देते थे। वहां से ये मोबाइल साइबर अपराधियों तक पहुंचते थे, जो इनके मदरबोर्ड में मौजूद इनबिल्ट IMEI का इस्तेमाल कर साइबर फ्रॉड को अंजाम देते थे। 5 अप्रैल से परतावल में बना रखा था ठिकाना पुलिस के अनुसार सभी आरोपी 5 अप्रैल 2026 से श्यामदेउरवां थाना क्षेत्र के परतावल में रह रहे थे और यहीं से अपनी गतिविधियां चला रहे थे। गिरोह का एक सदस्य मुन्ना कुमार पहले से ही इस तरह के अपराध में सक्रिय रहा है। गिरफ्तार आरोपी पुलिस ने विकेश कुमार (25), रमाकांत साहनी (40), बृजबिहारी (37), मुन्ना कुमार (23) और रामदरश (35) को गिरफ्तार किया है। सभी आरोपी बिहार के पूर्वी चंपारण जिले के विभिन्न गांवों के निवासी हैं और अधिकतर की शैक्षिक योग्यता आठवीं तक है। पुलिस ने बताया कि गिरोह के सरगना सहित सभी पांचों आरोपियों को गिरफ्तार कर आगे की कानूनी कार्रवाई की जा रही है।