“बिहार को गर्त में ले जाने का एक नया अध्याय
कुछ तथाकथित गरिमामय नेताओं द्वारा शुरू किया गया प्रतीत होता है। Narendra Modi और Amit Shah की जोड़ी पर सवाल उठ रहे हैं कि बिहार में जिस तरह से नेतृत्व का चयन किया गया, उससे आम जनता में गहरी नाराजगी देखने को मिल रही है।
बिहार की अस्मिता, स्वाभिमान और सम्मान के साथ खिलवाड़ होने का अहसास लोगों के बीच तेजी से बढ़ रहा है। सवाल यह उठता है कि क्या भारतीय जनता पार्टी में पढ़े-लिखे, संघर्षशील और ईमानदार नेताओं की कमी थी, जो ऐसा निर्णय लिया गया?
बिहार की जनता खुद को उपेक्षित और अपमानित महसूस कर रही है। लोकतंत्र का मूल सिद्धांत है कि जनता की भावनाओं और अपेक्षाओं का सम्मान हो, लेकिन वर्तमान परिस्थितियाँ उस भावना के विपरीत जाती हुई दिख रही हैं।
यह समय है जब जनता जागरूक होकर अपने अधिकारों और सम्मान के लिए आवाज उठाए, ताकि बिहार की गरिमा और पहचान को सुरक्षित रखा जा सके।
जय बिहार।”