कर्नाटक के लिए CM सिद्धारमैया ने PM मोदी को सौंपा बड़ा ज्ञापन, 69 हजार करोड़ से ज्यादा की मांग
बेंगलुरु, 15 अप्रैल: प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी कर्नाटक के मांड्या जिले स्थित आदिचुंचनगिरी मठ के कार्यक्रम में शामिल होने के लिए बेंगलुरु पहुंचे। एयरपोर्ट पर मुख्यमंत्री सिद्धारमैया ने उनका गर्मजोशी से स्वागत किया। इस दौरान मुख्यमंत्री ने प्रधानमंत्री को कर्नाटक के विकास, लंबित केंद्रीय अनुदान और कई अहम इंफ्रास्ट्रक्चर परियोजनाओं को लेकर एक विस्तृत ज्ञापन सौंपा।
ज्ञापन में मुख्यमंत्री ने कहा कि कर्नाटक देश की अर्थव्यवस्था, आईटी, विनिर्माण, कृषि और सेवा क्षेत्रों में बड़ा योगदान देता है तथा राज्य सहकारी संघवाद की भावना के प्रति पूरी तरह प्रतिबद्ध है। इसके बावजूद कई महत्वपूर्ण केंद्रीय परियोजनाएं और वित्तीय सहायता लंबे समय से लंबित हैं, जिससे राज्य के विकास की रफ्तार प्रभावित हो रही है।
राज्य सरकार ने कोलार में रेल कोच फैक्ट्री, बेंगलुरु-मैसूर हाई-स्पीड रेल कॉरिडोर, बेंगलुरु उपनगरीय रेल परियोजना के लिए केंद्रीय सहयोग, और बेंगलुरु-मुंबई हाई-स्पीड रेल कॉरिडोर को जल्द शुरू करने की मांग की।
इसके साथ ही मुख्यमंत्री ने जल जीवन मिशन के तहत 17,554 करोड़ रुपये, 15वें वित्त आयोग के तहत ग्राम पंचायतों के लिए 2,860 करोड़ रुपये, राजस्व घाटा अनुदान के 5,495 करोड़ रुपये, और बेंगलुरु के लिए 26,000 करोड़ रुपये के विशेष पैकेज की मांग भी रखी।
पानी और सिंचाई से जुड़ी बड़ी परियोजनाओं में राष्ट्रीय घाटप्रभा परियोजना, मेकेदातु पेयजल योजना, ऊपरी भद्रा परियोजना, ऊपरी कृष्णा परियोजना को राष्ट्रीय दर्जा, और कृष्णा जल विवाद न्यायाधिकरण की रिपोर्ट को गजट में प्रकाशित करने की मांग शामिल है।
इसके अलावा, राज्य सरकार ने महादयी की कलसा-बंदूरी परियोजना के लिए वन्यजीव मंजूरी, नदी जोड़ो परियोजना में कर्नाटक का उचित जल हिस्सा, 56 प्रतिशत आरक्षण नीति को संविधान की नौवीं अनुसूची में शामिल करने, कल्याण कर्नाटक के लिए हर साल 5,000 करोड़ रुपये के पैकेज, उत्तर कर्नाटक में सार्वजनिक क्षेत्र के उद्योग, शरवती पंप स्टोरेज परियोजना की मंजूरी, और रायचूर में AIIMS की स्थापना की भी मांग की है।
मुख्यमंत्री सिद्धारमैया ने भरोसा जताया कि केंद्र सरकार कर्नाटक के हितों को ध्यान में रखते हुए इन मांगों पर जल्द सकारात्मक फैसला लेगी।