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बेरमा गांव की बदहाल तस्वीर, ग्रामीणों ने भुवनेश्वर प्रसाद मिश्र में जताया भरोसा*

ब्यूरो प्रमुख जिला मीडिया प्रभारी आजमगढ़
आजमगढ़: अम्बेडकर नगर/भियांव ब्लॉक, 14 अप्रैल
अम्बेडकर जयंती के अवसर पर जब हमारी मीडिया टीम रिपोर्टिंग के लिए भियांव ब्लॉक के अंतर्गत बेरमा गांव पहुंची, तो एक ओर जहां दलित बस्ती में बाबा साहेब डॉ. भीमराव अम्बेडकर की प्रतिमा के समक्ष श्रद्धा और उत्साह का माहौल दिखा, वहीं दूसरी ओर पूरे गांव की स्थिति बेहद चिंताजनक नजर आई।

गांव में साफ-सफाई की व्यवस्था पूरी तरह चरमराई हुई है। जगह-जगह अर्धनिर्मित नालियां कूड़े-कचरे से पटी हुई हैं, जिससे दुर्गंध और बीमारियों का खतरा बना हुआ है। खड़ंजा वाली सड़कें अपनी बदहाली की कहानी खुद बयां कर रही हैं—टूटी-फूटी और गड्ढों से भरी सड़कों पर चलना ग्रामीणों के लिए मुश्किल हो गया है।

ग्रामीणों का आरोप है कि गांव के विकास के लिए जिन जनप्रतिनिधियों को जिम्मेदारी सौंपी गई, वे अपने निजी विकास में अधिक रुचि ले रहे हैं और गांव का समग्र विकास भगवान भरोसे छोड़ दिया गया है।

इस दौरान जब मीडिया टीम ने ग्रामीणों से बातचीत की, तो एक नाम बार-बार उभर कर सामने आया— *भुवनेश्वर प्रसाद मिश्र*। बेरमा निवासी मिश्र जी को ग्रामीणों ने एक हंसमुख, मिलनसार और हर किसी के सुख-दुख में साथ खड़े रहने वाले सामाजिक कार्यकर्ता के रूप में बताया।

ग्रामीणों ने एक स्वर में कहा कि यदि गांव का वास्तविक और समुचित विकास करना है, तो आने वाले समय में *भुवनेश्वर प्रसाद मिश्र* को ग्राम प्रधान चुना जाना चाहिए। उनका मानना है कि मिश्र जी के नेतृत्व में ही गांव की तस्वीर बदल सकती है।

हालांकि, भुवनेश्वर प्रसाद मिश्र स्वयं सक्रिय राजनीति में अधिक रुचि नहीं रखते, लेकिन ग्रामीणों के बढ़ते समर्थन और आग्रह को देखते हुए इस बार उनके प्रधान पद के चुनाव मैदान में उतरने की संभावना जताई जा रही है।

मौके पर मौजूद जनसमूह ने मीडिया टीम के सामने स्पष्ट रूप से कहा कि “बेरमा गांव का विकास केवल और केवल भुवनेश्वर प्रसाद मिश्र के नेतृत्व में ही संभव है, अन्यथा गांव की स्थिति में सुधार की उम्मीद करना बेकार है।”

*अम्बेडकर जयंती* जैसे महत्वपूर्ण अवसर पर सामने आई यह तस्वीर न सिर्फ स्थानीय प्रशासन बल्कि जनप्रतिनिधियों के लिए भी एक बड़ा सवाल खड़ा करती है कि आखिर कब तक गांवों की बुनियादी समस्याएं अनदेखी की जाती रहेंगी।
बुनियादी समस्यायों में सर्वप्रथम दलित बस्ती में जल निकास सबसे बड़ी समस्या है। बरसात के मौसम में दलित बस्ती के लोग जलजमाव को लेकर बहुत परेशान रहते हैं इस समस्या को पत्रकारो के समक्ष पेश करने वाले गांव के प्रबुद्ध व वरिष्ठ नागरिक श्री राम किशुन, अम्बेडकर जयंती कमेटी के अध्यक्ष श्री बृजलाल,जगलाल, रमेश चन्द, अखिलेश, धर्मचंद मिश्र, भानुमती देवी व जयप्रकाश आदि

अब देखना यह होगा कि ग्रामीणों की यह आवाज कितनी दूर तक पहुंचती है और आने वाले समय में बेरमा गांव को एक सशक्त नेतृत्व मिल पाता है या नहीं।

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