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देहरादून: निजी स्कूलों की मनमानी फीस पर सियासत तेज, कांग्रेस का शिक्षा मंत्री आवास घेराव—सरकार पर संरक्षण के आरोप

देहरादून में निजी स्कूलों की बढ़ती फीस को लेकर अभिभावकों की नाराज़गी अब सड़कों पर खुलकर दिखने लगी है। इसी मुद्दे को लेकर कांग्रेस ने सरकार के खिलाफ मोर्चा खोलते हुए बुधवार को जोरदार प्रदर्शन किया और शिक्षा मंत्री डॉ. धन सिंह रावत के आवास का घेराव करने की कोशिश की। हालांकि, पुलिस ने प्रदर्शनकारियों को पहले ही रोक दिया, जिससे मौके पर हल्का तनाव और नोकझोंक की स्थिति भी बनी।

महिला कांग्रेस की अगुवाई में हुए इस प्रदर्शन में कार्यकर्ताओं ने आरोप लगाया कि निजी स्कूल लगातार मनमानी फीस वसूल रहे हैं, लेकिन सरकार इस पर प्रभावी नियंत्रण लगाने में नाकाम रही है। प्रदर्शनकारियों का कहना था कि शिक्षा अब सेवा नहीं बल्कि “व्यापार” बनती जा रही है, जिसका सीधा बोझ आम और मध्यमवर्गीय परिवारों पर पड़ रहा है।

“फीस नियंत्रण पर सरकार मौन क्यों?”
कांग्रेस ने सरकार की नीतियों पर सवाल उठाते हुए कहा कि बार-बार शिकायतों और विरोध के बावजूद फीस नियंत्रण को लेकर कोई ठोस नीति या सख्त कार्रवाई सामने नहीं आई है। उनका आरोप है कि सरकार निजी स्कूलों को “संरक्षण” दे रही है, जिसके चलते वे बिना किसी डर के फीस में बढ़ोतरी कर रहे हैं।

अभिभावकों की बढ़ती मुश्किलें:
प्रदर्शन के दौरान यह भी सामने आया कि कई अभिभावक बढ़ती फीस, एडमिशन चार्ज, वार्षिक शुल्क और अन्य मदों के नाम पर हो रही वसूली से परेशान हैं। मध्यमवर्गीय परिवारों के लिए बच्चों की पढ़ाई का खर्च उठाना दिन-ब-दिन मुश्किल होता जा रहा है। कांग्रेस ने इसे “शिक्षा व्यवस्था का व्यावसायीकरण” करार दिया।

आंदोलन तेज करने की चेतावनी:
महिला कांग्रेस ने स्पष्ट चेतावनी दी है कि यदि सरकार ने जल्द ही फीस नियंत्रण को लेकर सख्त और पारदर्शी कदम नहीं उठाए, तो आंदोलन को और उग्र किया जाएगा। उन्होंने कहा कि ऐसी स्थिति में किसी भी प्रकार की अव्यवस्था की जिम्मेदारी पूरी तरह सरकार की होगी।

इस पूरे घटनाक्रम ने एक बार फिर यह सवाल खड़ा कर दिया है कि क्या राज्य में निजी स्कूलों की फीस पर नियंत्रण के लिए मौजूदा व्यवस्था पर्याप्त है, या फिर सख्त कानून और निगरानी तंत्र की आवश्यकता है।

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