मासूम से दरिंदगी के मामले में बड़ा खुलासा, निर्दोष निकला प्रिंसिपल; असली आरोपी सुरेंद्र सिंह गिरफ्तार
कुशीनगर (उत्तर प्रदेश): उत्तर प्रदेश के कुशीनगर
मासूम से दरिंदगी के मामले में बड़ा खुलासा, निर्दोष निकला प्रिंसिपल; असली आरोपी सुरेंद्र सिंह गिरफ्तार
कुशीनगर (उत्तर प्रदेश): उत्तर प्रदेश के कुशीनगर जिले में 10 अप्रैल को एक 5 वर्षीय मासूम छात्रा के साथ हुई दरिंदगी के मामले में पुलिस ने चौंकाने वाला खुलासा किया है। जिस मामले में शुरुआत में परिजनों की शिकायत पर सरकारी स्कूल के प्रिंसिपल नईमुद्दीन अंसारी को जेल भेजा गया था, पुलिस जांच में वह निर्दोष पाए गए हैं। वैज्ञानिक साक्ष्यों और गहन पूछताछ के बाद पुलिस ने असली आरोपी सुरेंद्र सिंह को गिरफ्तार कर जेल भेज दिया है।
क्या था पूरा मामला?
बीती 10 अप्रैल को जिले के एक थाना क्षेत्र स्थित सरकारी स्कूल में पढ़ने वाली 5 साल की बच्ची के साथ रेप की वारदात सामने आई थी। घटना के बाद पीड़ित बच्ची के परिजनों ने स्कूल के कार्यवाहक प्रधानाध्यापक नईमुद्दीन अंसारी पर शक जताते हुए उनके खिलाफ नामजद एफआईआर (FIR) दर्ज कराई थी। पुलिस ने तत्परता दिखाते हुए शुरुआत में नईमुद्दीन को हिरासत में लेकर जेल भेज दिया था।
जांच में कैसे बदला रुख?
मामले की संवेदनशीलता को देखते हुए पुलिस अधीक्षक ने विशेष टीम गठित की थी। जांच के दौरान पुलिस को कई ऐसे सुराग मिले जो प्रिंसिपल की संलिप्तता पर सवाल उठा रहे थे।
सीसीटीवी और लोकेशन: घटना के समय आरोपी की लोकेशन और तकनीकी साक्ष्यों का मिलान किया गया।
पूछताछ: जब पुलिस ने स्कूल के आसपास के लोगों और अन्य संदिग्धों से कड़ाई से पूछताछ की, तो सुरेंद्र सिंह का नाम सामने आया।
स्वीकारोक्ति: कड़ाई से पूछताछ करने पर सुरेंद्र सिंह ने अपना जुर्म कबूल कर लिया, जिसके बाद पुलिस ने उसे गिरफ्तार कर लिया।
निर्दोष प्रिंसिपल की रिहाई की प्रक्रिया
जांच में यह साफ हो गया कि नईमुद्दीन अंसारी का इस घटना से कोई लेना-देना नहीं था। पुलिस अब कोर्ट में अपनी रिपोर्ट पेश कर निर्दोष पाए गए प्रिंसिपल को क्लीन चिट देने और उनकी कानूनी रिहाई की प्रक्रिया पूरी कर रही है।
पुलिस का बयान: "मामले की निष्पक्ष जांच की गई ताकि कोई निर्दोष सजा न पाए। तकनीकी और वैज्ञानिक साक्ष्यों के आधार पर असली अपराधी सुरेंद्र सिंह को गिरफ्तार कर लिया गया है। कानून व्यवस्था और न्याय सुनिश्चित करना हमारी प्राथमिकता है।"