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डॉ. भीमराव अंबेडकर की 135वीं जयंती पर विशेष व्याख्यान—“अंबेडकर और राष्ट्र निर्माण” सम्पन्न

बांदीकुई (दौसा)। स्वर्गीय राजेश पायलट राजकीय महाविद्यालय, बांदीकुई में भारत रत्न Dr. B. R. Ambedkar की 135वीं जयंती के उपलक्ष्य में “अंबेडकर और राष्ट्र निर्माण” विषय पर एक गरिमामय एवं ज्ञानवर्धक विशेष व्याख्यान का आयोजन इतिहास विभाग के तत्वावधान में किया गया। स्थानीय विधायक मरने माननीय भाग चंद टांकड़ा कार्यक्रम के मुख्य अतिथि रहे कार्यक्रम की अध्यक्षता प्राचार्य प्रो. (डॉ.) बजरंग लाल सैनी ने की तथा मुख्य वक्ता के रूप में प्रख्यात शिक्षाविद् एवं पूर्व कुलपति प्रो. श्याम लाल जेदिया उपस्थित रहे। इस अवसर पर विशिष्ट अतिथि के रूप में पूर्व प्राचार्य पी.एम. मीणा ने भी अपनी गरिमामयी उपस्थिति दर्ज कराई। कार्यक्रम का प्रारम्भ बाबा साहेब के जीवन एवं योगदान पर प्रकाश डालते हुए हुआ। मुख्य वक्ता प्रो. श्याम लाल जेदिया का विस्तृत जीवन परिचय डॉ. विनोद कुमार बैरवा द्वारा प्रस्तुत किया गया, जिसमें उनके शैक्षणिक एवं प्रशासनिक अनुभवों को रेखांकित किया गया। इस अवसर पर डॉ. घनश्याम बैरवा ने डॉ. अंबेडकर के जीवन संघर्ष, सामाजिक चेतना एवं राष्ट्र निर्माण में उनके योगदान पर प्रभावशाली विचार रखे। कार्यक्रम का संचालन डॉ. महेन्द्र कुमार मीणा द्वारा कुशलतापूर्वक किया गया।अध्यक्षीय उद्बोधन में प्राचार्य प्रो. (डॉ.) बजरंग लाल सैनी ने सामाजिक समरसता पर बल देते हुए महात्मा ज्योतिबा फुले एवं डॉ. अंबेडकर के विचारों को वर्तमान समय की आवश्यकता बताया तथा उनके जीवन को अनुकरणीय बताया। वहीं प्रो. श्याम लाल जेदिया ने समाजशास्त्र के प्रमुख विद्वानों एवं ऐतिहासिक उदाहरणों के माध्यम से डॉ. अंबेडकर के जीवन पर प्रकाश डालते हुए बताया कि किस प्रकार उन्होंने अत्यंत साधारण पृष्ठभूमि से उठकर विश्व स्तर पर अपनी पहचान स्थापित की। इतिहास विषय के प्रोफ़ेसर डॉ कमलेश कुमार सारसर अपने सारगर्भित उद्बोधन में डॉक्टर बाबा साहेब भीमराव अंबेडकर के अनछुए पहलुओं को बहुत ही बारीकी से बताया। मुख्य वक्ता प्रो. श्याम लाल जेदिया का स्वागत प्रो. डॉ. बी.डी. रावत, प्रो. डॉ. विनोद कुमार बैरवा, प्रो. डॉ. कमलेश सारसर प्रो. डॉ रामेश्वर मीणा, डॉ आशा रानी सहित अन्य संकाय सदस्यों द्वारा किया गया। कार्यक्रम के अंत में डॉ. विश्राम मीणा ने धन्यवाद ज्ञापन प्रस्तुत करते हुए सभी अतिथियों, प्राध्यापकों एवं विद्यार्थियों का आभार व्यक्त किया। इस अवसर पर महाविद्यालय के समस्त संकाय सदस्य, छात्र-छात्राएँ तथा NCC, NSS एवं स्काउट-रोवर रेंजर के कैडेट्स बड़ी संख्या में उपस्थित रहे। कार्यक्रम ने विद्यार्थियों को न केवल ज्ञान प्रदान किया, बल्कि उन्हें बाबा साहेब के आदर्शों पर चलने के लिए प्रेरित भी किया। यह आयोजन विद्यार्थियों के लिए प्रेरणा, जागरूकता और राष्ट्र निर्माण के प्रति समर्पण का संदेश देने वाला सिद्ध हुआ।

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  • Hamraj Singh Chouhan

    माननीय महोदय ये क्या हो रहा है 543 से बढ़ाकर 850 लोकसभा सीट करने का संविधान संशोधन विधेयक लोकसभा में प्रस्तुत* देश की जनता पर नया बोझ है ओर कुछ नहीं इनके पेंशन और भत्ते आपसे एक सवाल है में नियमित कर्मी की बात नहीं कर रहा उस कर्मी की जिसके लिए किसी ने कुछ नहीं किया केवल चिकित्सा विभाग का एक कैडर ANM GNM LT LA and pharmacist को छोड़कर बाकी शायद किसी को नियमित किया हो किसी भी विभाग में खुद इसी विभाग के प्रबंधकीय संविदा कार्मिक NHM को आज तक लटका कर रख दिया है उपरोक्त कैडर की किस्मत देखो बिना एग्जाम के परमानेंट नौकरी मिल जाती है क्या ये बेरोजगार के मुंह पर तमाचा नहीं जो दिन रात एक करके नौकरी लगता ओर इनमें से एक कैडर बिना एग्जाम के 4200 ग्रेड की नौकरी कैसा संविधान है भारत का एक संविदा कर्मी वह कभी नहीं चाहेगा कि वो सरकार की किसी फ्री योजना का लाभ ले लेकिन मजबूर है क्या करे यदि सरकार इनकी भी अच्छी सैलरी दे ओर समय से नियमित करे तो तो इनका भी भला हो जाएगा ये केवल अच्छी नौकरी की बात कर रहे है किसी सुख सुविधा की नहीं जैसे हवाई जहाज का टिकिट किसी फाइव स्टार होटल में फ्री रुकने का टिकिट किसी इंसेंटिव की बात नहीं कर रहे विडंबना ये है सरकार ये कहती हे कि परमानेंट कर्मी काम नहीं करता इसलिए इनकी सेवा के काम के लिए संविदा कर्मी रखती है में कहता हु सरकार तो आपके हाथ में है आपके अधिकारी से रिपोर्ट मांगे कौन समय से ड्यूटी कर रहा कौन ड्यूटी पर होने के बावजूद ड्यूटी पर नहीं है कौन गांव में काम नहीं करना चाहता उसकी पूरी जानकारी सबके पास होती है लेकिन किसी पर कोई एक्शन नहीं होता यहां तक कि अब सरकार govt department में योजना लाती ओर जिस परमानेंट कर्मी की सैलरी ऑलरेडी अच्छी है उसको सरकार मोबाइल का रिचार्ज वर्दी सिलवाने धुलवाने और भी बहुत से इंसेंटिव होते है क्या इन कर्मी के पास इन काम के पैसे नहीं बचते जो सरकार अलग से काम करवाने के लिए खर्चा देती है ओर एक तरफ संविदा कर्मी जिससे सारे काम करवा लेंगे लेकिन न तो सैलरी टाइम पर आती है न किसी प्रकार से कोई इंसेंटिव ये नहीं चाहते इंसेंटिव ये केवल इतना चाहते है समय से नियमित नियुक्ति जैसे चिकित्सा विभाग के anm gnm LT LA pharmacist को किया जाता है न तो इनकी फ्यूचर की सिक्योरिटी न वर्तमान की न पेंशन न सैलरी किसी की कोई गारंटी नहीं अगर सभी संविदा कर्मी ओर बेरोजगार भाई मेरी बात से सहमत है तो इसको हर जगह पहुंचा दो