भवनाथपुर और खरौंधी: स्कूलों में ड्रेस वितरण की जांच करने पहुंचे उपायुक्त दिनेश कुमार यादव; गुणवत्ता और वितरण प्रणाली का लिया जायजा
भवनाथपुर/खरौंधी: जिला प्रशासन को और अधिक पारदर्शी एवं जवाबदेह बनाने के उद्देश्य से उपायुक्त दिनेश कुमार यादव ने आज भवनाथपुर और खरौंधी प्रखंडों का सघन दौरा किया। इस दौरान उन्होंने केवल प्रशासनिक कार्यालयों का ही नहीं, बल्कि सरकारी स्कूलों में स्कूली बच्चों को मिलने वाली सुविधाओं, विशेषकर कक्षा 1 और 2 के बच्चों के लिए उपलब्ध कराई गई स्कूल ड्रेस की भी भौतिक जांच की।
ड्रेस वितरण में गुणवत्ता पर दिया जोर
निरीक्षण के क्रम में उपायुक्त ने संबंधित विद्यालयों का दौरा किया और कक्षा 1 एवं 2 के विद्यार्थियों को मिल रही पोशाक की गुणवत्ता को बारीकी से परखा। उन्होंने स्पष्ट निर्देश दिए कि बच्चों को मिलने वाली ड्रेस की गुणवत्ता में किसी भी प्रकार का समझौता बर्दाश्त नहीं किया जाएगा।
अधिकारियों को दिए सख्त निर्देश
उपायुक्त ने प्रखंड शिक्षा प्रसार पदाधिकारी (BEEO) और विद्यालय प्रबंधन समितियों को निर्देशित किया कि:
समयबद्ध वितरण: प्रत्येक पात्र बच्चे को ड्रेस का वितरण समय पर सुनिश्चित हो।
गुणवत्ता मानक: ड्रेस का कपड़ा और सिलाई निर्धारित मानकों के अनुरूप ही होनी चाहिए।
रिकॉर्ड मेंटेनेंस: ड्रेस वितरण का अद्यतन पंजी (Register) संधारित किया जाए और लाभार्थियों का पूरा विवरण दर्ज हो।
योजनाओं के क्रियान्वयन में पारदर्शिता जरूरी
उपायुक्त ने कहा कि सरकार की योजनाएं अंतिम पायदान पर खड़े बच्चों तक उनकी पूरी शुद्धता के साथ पहुंचनी चाहिए। उन्होंने स्कूल शिक्षकों और कर्मियों को चेतावनी दी कि यदि ड्रेस वितरण या अन्य सरकारी योजनाओं में कोई लापरवाही पाई जाती है, तो संबंधित दोषी व्यक्ति पर कड़ी कार्रवाई की जाएगी।
उपायुक्त के इस औचक निरीक्षण और स्कूली सुविधाओं के प्रति उनकी संवेदनशीलता से प्रशासनिक और शैक्षणिक महकमे में हलचल देखी गई। उन्होंने स्थानीय अधिकारियों को निर्देश दिया कि वे समय-समय पर स्कूलों का भ्रमण कर बच्चों को मिलने वाली सुविधाओं की समीक्षा करते रहें।