आवासीय कॉलोनी में दुकानों का नक्शा पास होने से मचा हड़कंप, मोहल्लेवासियों में आक्रोश
जबलपुर @ न्यूज़ : मोहित संघी
आवासीय कॉलोनी में दुकानों का नक्शा पास होने से मचा हड़कंप, मोहल्लेवासियों में आक्रोश—जिम्मेदार अधिकारियों पर कार्रवाई की मांग
शहर की एक आवासीय कॉलोनी में अवैध रूप से दुकानों का नक्शा पास किए जाने का मामला तूल पकड़ता जा रहा है। स्थानीय नागरिकों ने नगर निगम और प्रशासन पर गंभीर सवाल उठाते हुए आरोप लगाया है कि किस अधिकारी की सहमति से आवासीय क्षेत्र में दुकानों के निर्माण की अनुमति दी गई। इस पूरे मामले से मोहल्ले के लोग बेहद परेशान और आक्रोशित हैं। लोगों का कहना है कि इस तरह की मनमानी से न केवल कॉलोनी का स्वरूप बिगड़ रहा है, बल्कि महिलाओं और लड़कियों की सुरक्षा पर भी बड़ा खतरा मंडरा रहा है।
मोहल्लेवासियों के अनुसार, जिस क्षेत्र को पूरी तरह आवासीय घोषित किया गया है, वहां अचानक दुकानों का निर्माण शुरू हो गया। लोगों ने कई बार नगर निगम कार्यालय में शिकायत दर्ज कराई, लेकिन अब तक कोई ठोस कार्रवाई नहीं की गई। स्थानीय निवासियों ने आरोप लगाया कि बिना किसी वैध अनुमति और जनसहमति के दुकानों का निर्माण कराया जा रहा है, जिससे पूरे क्षेत्र में भीड़भाड़ बढ़ने और असामाजिक तत्वों के जमावड़े की आशंका बढ़ गई है। इससे खासकर महिलाओं और लड़कियों का घर से बाहर निकलना मुश्किल हो सकता है।
नागरिकों ने सवाल उठाया है कि आखिर नगर निगम का वह कौन सा अधिकारी है जिसने आवासीय कॉलोनी में दुकानों का नक्शा पास किया। यदि यह कार्य नियमों के विरुद्ध किया गया है, तो संबंधित अधिकारी और निर्माण कराने वाले लोगों के खिलाफ तत्काल सख्त कार्रवाई की जानी चाहिए। लोगों ने मांग की है कि इस पूरे प्रकरण की निष्पक्ष जांच कर दोषियों को चिन्हित किया जाए और अवैध रूप से बन रही दुकानों के निर्माण कार्य को तुरंत रोका जाए।
स्थानीय लोगों ने यह भी आरोप लगाया कि अवैध दुकानों का निर्माण किसी न किसी स्तर पर मिलीभगत से ही संभव हुआ है। यदि समय रहते इस पर रोक नहीं लगाई गई, तो कॉलोनी का वातावरण पूरी तरह प्रभावित हो जाएगा और भविष्य में कानून-व्यवस्था की स्थिति भी बिगड़ सकती है। नागरिकों का कहना है कि नगर निगम और प्रशासन की जिम्मेदारी है कि वे आम जनता की सुरक्षा और सुविधा को प्राथमिकता दें, न कि नियमों को ताक पर रखकर अवैध निर्माण को बढ़ावा दें।
मोहल्ले के निवासियों ने चेतावनी दी है कि यदि जल्द से जल्द इस मामले में कार्रवाई नहीं की गई और जिम्मेदार अधिकारियों के खिलाफ कठोर कदम नहीं उठाए गए, तो वे मजबूर होकर आंदोलन का रास्ता अपनाएंगे। लोगों ने प्रशासन से मांग की है कि अवैध निर्माण को तत्काल सील किया जाए, संबंधित अधिकारियों को निलंबित कर गिरफ्तार किया जाए और भविष्य में इस तरह की घटनाओं की पुनरावृत्ति रोकने के लिए कड़े नियम लागू किए जाएं।
स्थानीय नागरिकों का कहना है कि यह केवल एक कॉलोनी का मामला नहीं, बल्कि पूरे शहर की व्यवस्था और प्रशासनिक पारदर्शिता से जुड़ा गंभीर मुद्दा है। यदि प्रशासन ने समय रहते सख्त कदम नहीं उठाए, तो जनता का भरोसा शासन-प्रशासन से उठ सकता है, जिसकी जिम्मेदारी पूरी तरह संबंधित विभागों पर होगी।