और घायलों को शीघ्र स्वस्थ करने की प्रार्थना की है। इसके साथ ही उन्होंने प्रशासन से घायलों को तत्काल उच्च स्तरीय चिकित्सा सुविधा उपलब्ध कराने को कहा है
और घायलों को शीघ्र स्वस्थ करने की प्रार्थना की है। इसके साथ ही उन्होंने प्रशासन से घायलों को तत्काल उच्च स्तरीय चिकित्सा सुविधा उपलब्ध कराने को कहा है। हादसे को हृदय विदारक बताते हुए उमेश पटेल ने कहा कि छत्तीसगढ़ जैसे राज्य में औद्योगिक सुरक्षा में इस तरह की चूक कतई स्वीकार्य नहीं है। उन्होंने स्पष्ट लहजे में कहा कि औद्योगिक इकाइयों में सुरक्षा मानकों की अनदेखी के कारण होने वाली ऐसी घटनाएं राज्य के औद्योगिक परिदृश्य के लिए एक गंभीर सवाल खड़ा करती हैं। विधायक उमेश पटेल ने इस पूरे मामले में सख्त रुख अपनाते हुए लापरवाह प्लांट प्रबंधन पर तत्काल एफआईआर दर्ज करने पर जोर दिया है। उन्होंने कहा कि प्रशासन अविलंब जांच कमेटी गठित करे, जिससे इस हादसे के जिम्मेदार लोगों की पहचान हो सके और उन पर बिना किसी देरी के FIR दर्ज कर सख्त कार्रवाई की जाए। उन्होंने कड़े शब्दों में कहा कि यह पता लगाना अनिवार्य है कि आखिर इतनी बड़ी तकनीकी चूक कैसे हुई। उमेश पटेल ने स्पष्ट किया कि जांच में जो भी अधिकारी या प्रबंधन के लोग दोषी पाए जाते हैं, उनके विरुद्ध श्रम कानूनों के अंतर्गत कठोरतम दंडात्मक कार्रवाई हो ताकि पीड़ित परिवारों को न्याय मिले और भविष्य में किसी भी संयंत्र में श्रमिकों की सुरक्षा के साथ ऐसा खिलवाड़ न हो सके।