अखिल भारतीय श्रीचैतन्य गौड़ीय मठ के वर्तमान आचार्य १०८त्रिदंडी स्वामी विष्णु महाराज जी ने रुकमिनी कृष्ण प्रभु को त्रिदंड़ सन्यास मिलने पर बधाई दी।
आज ISKCON के अंतर्राष्ट्रीय प्रचारक, अपने मधुर स्वभाव एवं श्रेष्ठ आचार–प्रचार से विश्वभर में 80 से अधिक प्रचार केंद्र स्थापित करने वाले परम पूज्यपाद Srila Gopal Krishna Goswami Maharaj की द्वितीय तिरोभाव तिथि है।
महाराज जी का Sree Chaitanya Gaudiya Math के साथ अत्यंत स्नेहपूर्ण संबंध रहा है। वे समय-समय पर चंडीगढ़ ISKCON आने पर मठ में पधारते थे, भक्तों का उत्साहवर्धन करते थे और अनेक अमूल्य शिक्षाएं प्रदान करते थे।
उनके विशेष कृपा-पात्र हमारे प्रिय भाई Rukmini Krishna Prabhu, जो पिछले 25 वर्षों से ISKCON की सेवा में निरंतर लगे हुए हैं—15 वर्षों तक ISKCON पंजाबी बाग, नई दिल्ली के अध्यक्ष के रूप में सेवा की, तथा वर्तमान में दिल्ली और पंजाब के Regional Assistant Secretary के रूप में दायित्व निभा रहे थे।
अपने इस दायित्व में उन्होंने प्रबंधन में सकारात्मक परिवर्तन किए तथा प्रचार-कार्य को नई गति दी। वे समय-समय पर विदेशों में भी A. C. Bhakti Vedanta Swami Prabhupada जी की वाणी का प्रचार करने जाते हैं। अपने शिक्षागुरु परम पूज्यपाद श्रील गोपाल कृष्ण गोस्वामी महाराज जी की भांति ही गुरु-निष्ठा, हरिनाम-निष्ठा एवं प्रभुपाद जी के आंदोलन के प्रचार के प्रति सदैव उत्साह से प्रेरित रहते हैं।
आज Vrindavan स्थित ISKCON गौशाला में, अपने गुरुमहाराज जी की समाधि के समक्ष, Guru Prasad Swami Maharaj (जो श्रील प्रभुपाद जी के दीक्षित शिष्य हैं) द्वारा उन्हें संन्यास दीक्षा प्रदान की गई। अब से उनका संन्यास नाम *त्रिदण्डी स्वामी श्रीमद् भक्ति वेदांत रुक्मिणी कृष्ण स्वामी महाराज* है।
परम पूज्यपाद श्रील गोपाल कृष्ण गोस्वामी महाराज जी ने ही वर्ष 2020 में एक ऑनलाइन बैठक में अपनी इच्छा व्यक्त की थी कि वे संन्यास के लिए आवेदन करें। आज ISKCON की विधि का पालन करते हुए उनका यह संन्यास पूर्ण हुआ।
हृदय से अत्यन्त प्रसन्नता हो रही है कि A. C. Bhaktivedanta Swami Prabhupada जी की दिव्य सेना को एक और प्रेरणादायक संन्यासी प्राप्त हुआ है।
श्रील भक्ति वेदान्त रुक्मिणी कृष्ण गोस्वामी महाराज की जय!!
श्रील गोपाल कृष्ण गोस्वामी महाराज की जय!!
श्रील प्रभुपाद जी की जय!!
श्रीभक्ति विचार विष्णु महाराज*
आचार्य –अखिल भारतीय श्रीचैतन्य गौड़ीय मठ
एवं
अध्यक्ष – वर्ल्ड वैष्णव एसोसिएशन