चार वर्ष से रुकी हुई ग्रेज्युटी का जीता केस।
कोटा 14 अप्रेल। हिन्द मजदूर सभा से सम्बद्ध राजस्थान माइंस यूनियन के कोषाध्यक्ष राकेश मालव ने बताया कि लगभग 1 साल पहले एएसआई इंडस्ट्रीज लिमिटेड से रिटायर महिला श्रमिक अनोख बाई ने यूनियन के महामंत्री कामरेड मुकेश गालव को प्रतिवेदन देकर गुहार लगाई कि एएसआई इंडस्ट्रीज लिमिटेड के अधिकारियों ने बिना किसी ठोस कारण के श्रमिक की ग्रेज्युटी का पैसा रोक रखा हैं। बिना ठोस कारण ग्रेज्युटी रोकने के मामले को गंभीर मानते हुए यूनियन के महामंत्री मुकेश गालव ने इसे सीधे तौर पर ग्रेज्युटी भुगतान अधिनियम 1972 का उल्लंघन मानते हुए सहायक श्रमायुक्त केन्द्रीय के समक्ष वाद दायर किया जिस पर लगभग 1 साल चली लंबी सुनवाई के बाद दोनों पक्षों व दोनों पक्षों के वकीलों की दलीलें सुनने के बाद सहायक श्रमायुक्त सुश्री कृष्णेन्दू जी ने निर्णय में कहा कि यह प्राधिकारी मानता हैं कि आवेदक ग्रेज्युटी के रूप में 219285(दो लाख उन्नीस हज़ार दो सौ पिच्यासी रुपये अक्षरे) की राशि प्राप्त करने का हकदार हैं साथ ही उक्त राशि पर 10% प्रति वर्ष की साधारण ब्याज की दर भी ग्रेज्युटी भुगतान अधिनियम 1972 की धारा 7(3-ऐ) 01/05/2022 से लेकर आवेदक को वास्तव में भुगतान किये जाने की तिथि तक देय होगी।
यूनियन के अध्यक्ष मोहम्मद आसिफ ने इसे बुराई पर अच्छाई की जीत बताते जुए कहा की यूनियन आगे भी इसी प्रकार श्रमिकों के हितों की लड़ाई लड़ती रहेगी।
यूनियन के संगठन मंत्री रमेश यादव ने निष्पक्ष निर्णय देने के लिये सहायक श्रमायुक्त महोदया का आभार व्यक्त करते हुए बताया कि ऐसे निर्णय को देखकर ही श्रमिको में अपने अधिकारों के लिये लड़ने की जागरूकता आती हैं।