खुटार: बुद्धा पार्क में धूमधाम से मनाई गई अंबेडकर जयंती
खुटार नगर के बुद्धा पार्क में 14 अप्रैल को भारत रत्न डॉ. भीमराव अंबेडकर जी की जयंती बड़े हर्षोल्लास और धूमधाम के साथ मनाई गई। कार्यक्रम में भारी संख्या में लोगों ने भाग लेकर बाबा साहब को श्रद्धांजलि अर्पित की।
इस अवसर पर थाना अध्यक्ष श्री श्याम वीर सिंह पूरी कानून व्यवस्था के साथ मौजूद रहे और कार्यक्रम को शांतिपूर्ण ढंग से संपन्न कराया गया।
कार्यक्रम में सतपाल गुप्ता, आर. एल. श्रीवास्तव, कुक्कन, सभासद मंगल सिंह, संजीव कुमार, रोहित कुमार वाल्मीकि, अनिल कुमार सागर, जगजीवन लाल, बाबूराम, रूपराम, डॉ. टीकाराम, राजीव यादव, धीर सिंह, मिथिलेश कुमार, सुनील गौतम, रामगुलाम, बौद्ध अनुयायी श्री भंते, मिश्रीलाल वर्मा सहित अनेक गणमान्य लोग उपस्थित रहे। सभी ने बाबा साहब की प्रतिमा पर माल्यार्पण कर कार्यक्रम का शुभारंभ किया।
इसके पश्चात झांकियों के साथ बुद्धा पार्क से खुटार तिकुनिया तक भव्य रैली निकाली गई, जिसमें बड़ी संख्या में लोगों ने उत्साहपूर्वक भाग लिया।
कार्यक्रम को संबोधित करते हुए मिश्रीलाल वर्मा जी ने कहा कि बाबा साहब केवल भारत ही नहीं, बल्कि पूरे विश्व के लिए प्रेरणा के स्रोत हैं। उनका योगदान किसी एक वर्ग तक सीमित नहीं, बल्कि समस्त मानव जाति के कल्याण के लिए है।
इसी क्रम में राजेश कुमार देवा जी ने अपने संबोधन में कहा कि चारों ओर अंधकार का माहौल था, समाज में वंचित महिलाएं और पीड़ित पुरुष अपने अधिकारों से वंचित थे। ऐसे समय में एक नई रोशनी के रूप में डॉ. भीमराव अंबेडकर का उदय हुआ।
उन्होंने कहा कि बाबा साहब ने अपने जीवन में अनेक कठिनाइयों का सामना किया, लेकिन कभी हार नहीं मानी और समाज में फैली ऊँच-नीच, भेदभाव तथा अन्याय के खिलाफ सशक्त आवाज उठाई।
उन्होंने आगे बताया कि बाबा साहब का सबसे बड़ा योगदान भारतीय संविधान है, जिसने हर नागरिक को समान अधिकार प्रदान किए और यह सुनिश्चित किया कि कोई भी व्यक्ति जाति, धर्म या लिंग के आधार पर भेदभाव का शिकार न हो।
राजेश कुमार देवा जी ने अंत में बाबा साहब का संदेश दोहराया—
"शिक्षित बनो, संगठित रहो, संघर्ष करो"
और सभी से आह्वान किया कि शिक्षा को अपनाकर, एकजुट रहकर और अन्याय के खिलाफ खड़े होकर ही सच्ची श्रद्धांजलि दी जा सकती है।
अंत में सभी उपस्थित लोगों ने बाबा साहब के आदर्शों पर चलने का संकल्प लिया और कार्यक्रम का समापन हुआ।