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मेरी एक और भविष्वाणी सही साबित हुई:- मुनीश मित्तल

21 मार्च को ही मैने यह भविष्वाणी कि थी कि पेट्रोल ₹18 और डीजल ₹35 महंगा हो सकता है: बंगाल सहित 5 राज्यों में चुनाव के बाद बढ़ सकते हैं दाम, तेल कंपनियां नुकसान में है और अगर तेल कंपनियां नुकसान में चली गई तो एक तरह से हमारे ऊपर ऐसा बोझ पड़ेगा कि ऐसा समझ लीजिए कि अगर यह कीमत नहीं बढ़ाई गई तो यह पेट्रोल और डीजल दोगुने दाम तक कीमत करेगा, अब इस से बचने के लिए खर्चों में कटौती कीजिए पेट्रोल से इलेक्ट्रिक पर स्विच करें क्योंकि अगर यह युद्ध एक दो महीने और चल गया तो आने वाले 5 साल तक मुश्किलें आती रहेंगी इसका और कोई उपाय नहीं है क्योंकि कोई भी सरकार मार्किट फोर्सेज को कंट्रोल नहीं कर सकती. बाजार अपने हिसाब से चलता है जो सेंटीमेंट बेस्ड होता है। यह वक्त पब्लिक द्वारा केंद्र सरकार और राज्य सरकार को सपोर्ट करने का है न कि किसी भी तरह का विरोध करने का बाकी सियासत वाले आपको सियासत करते मिल जाएंगे पर उनके पास न इसका कोई समाधान होगा न वो कुछ कर सकते है सिर्फ बयानबाजी का मजा लीजिए और भूरा काका को दिन में तीन बार भर भर कर गालियां दीजिए जिससे यह होगा कि युद्ध खत्म होने पर भूरा काका को लात मार कर भगा दिया जाएगा। एक छोटी सी उम्मीद है कि ट्रंप अपनी impeachment के डर से यह युद्ध रोक दे तो हम सस्ते में छूट सकते है, कच्चे तेल की बढ़ती कीमतों की वजह से पेट्रोल ₹18 और डीजल ₹35 प्रति लीटर तक महंगा हो सकता है। विदेशी ब्रोकरेज फर्म मैक्वायरी की रिपोर्ट में कहा गया है कि क्रूड ऑयल महंगा होने के बावजूद देश में पेट्रोल-डीजल की कीमतें स्थिर हैं। इससे कंपनियों को नुकसान हो रहा है। ऐसे में पश्चिम बंगाल सहित 5 राज्यों में चुनाव खत्म होने के बाद कंपनियां दाम बढ़ा सकती है।

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