*आंबेडकर जयंती पर जन्म लेने वाली बेटियों को चांदी के लॉकेट और भीम लॉकेट भेट किए ताकि बाबा साहेब के आदर्शो की याद दिलाते रहे *
*आंबेडकर जयंती पर जन्म लेने वाली बेटियों को चांदी के लॉकेट और भीम लॉकेट भेट किए ताकि बाबा साहेब के आदर्शो की याद दिलाते रहे*
बैतूल :--*एक दर्जन बेटियों को मिले उपहार,माताओं का किया सम्मान*
आंबेडकर जयंती पर बैतूल जिला स्तर पर अभिनव कार्यक्रम शिक्षकों और मध्यप्रदेश शासन की राज्य आनंद संस्थान से संबंध ताप्ती आनंद क्लब द्वारा आयोजित किया गया कार्यक्रम का उद्देश्य डॉक्टर भीमराव अंबेडकर जी की जयंती पर जन्म लेने वाली बेटियों को चांदी के लॉकेट ,बाबा साहेब के लॉकेट उपहार में देना था आज भी भारतीय समाज में बेटा बेटी में अंतर किया जाता है बेटे के जन्म पर उत्सव ओर बेटी के जन्म पर परिवार मायूस नजर आता है इसी रूढ़िवादिता को तोड़कर बाबा साहेब द्वारा बताए समानता के अधिकार को बल देना है इस अवसर पर जिला चिकित्सालय के आर एम ओ डॉक्टर रानू वर्मा, शिक्षक मनोज आर्य,शिक्षक प्रीतमसिंह मरकाम,शिक्षक भावेश राठौर,शिक्षक चंचल पांसे,शिक्षक यादोराव नागले,शिक्षक ओमप्रकाश साहू,शिक्षक शैलेंद्र बिहारिया,निमिष मालवीय,हिमांशु सोनी,डॉक्टर सागर बिँझाड़े,सुनील पंडाग्रे,मंगलमूर्ति पाटणकर मुख्यरूप से उपस्थित थे इस अवसर पर कार्यक्रम संयोजक शैलेंद्र बिहारिया ने कहा कि
भीमराव अंबेडकर ने भारतीय समाज में व्याप्त पितृसत्तात्मक व्यवस्था और रूढ़िवादी धार्मिक मान्यताओं का कड़ा विरोध करते हुए महिलाओं को शिक्षा, संपत्ति और समानता का अधिकार दिलाने के लिए संघर्ष किया।
इस अवसर पर मनोज आर्य और पंजाबराव गायकवाड़ ने कहा कि उन्होंने हिंदू कोड बिल के माध्यम से महिलाओं को तलाक, संपत्ति और पुनर्विवाह के अधिकार दिलाने का पुरजोर प्रयास किया, जिसके विरोध के कारण उन्होंने कानून मंत्री पद से इस्तीफा दे दिया डॉ. अंबेडकर का मानना था कि महिलाओं को पुरुषों के समान अधिकार मिलने चाहिए और उन्होंने संवैधानिक प्रावधानों के माध्यम से इसे सुनिश्चित किया। इस अवसर पर प्रीतमसिंह मरकाम ओर चंचल पांसे ने कहा कि
उन्होंने महिलाओं को शिक्षित होने, संगठित होने और अपने अधिकारों के लिए आवाज उठाने के लिए प्रेरित किया।
कुरीतियों का विरोध: उन्होंने बाल विवाह और देवदासी जैसी कुप्रथाओं के खिलाफ महिलाओं को खड़ा किया।
इस अवसर पर बेटियों का पूजन कर चांदी के ओर बाबा साहेब के लॉकेट बाटे गए ताकि परिवार उनके आदर्शों पर चल सके आने वाला भविष्य शिक्षा के महत्व को समझ सके इस अवसर पर महिलाओं को गौरव सम्मान से नवाजा गया और ड्रायफूड वितरित किए गए।