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डीएवी-04 में बड़ा फैसला: अब मोबाइल पर नहीं मिलेगा होमवर्क

कम उम्र के बच्चों को मोबाइल फोन की लत से बचाने के लिए बोकारो के डीएवी-04 स्कूल ने एक बड़ा और सराहनीय कदम उठाया है। स्कूल के प्राचार्य एस.के. मिश्रा ने कक्षा पाँचवीं तक के बच्चों के लिए मोबाइल पर होमवर्क और असाइनमेंट देने पर पूरी तरह रोक लगा दी है।

अब डायरी में मिलेगा होमवर्क

नए शैक्षणिक सत्र से स्कूल में पारंपरिक प्रणाली को फिर से लागू किया गया है।
अब बच्चों को होमवर्क, प्रोजेक्ट वर्क और असाइनमेंट स्कूल डायरी के माध्यम से ही दिया जाएगा
व्हाट्सऐप या किसी भी डिजिटल माध्यम से होमवर्क भेजने पर प्रतिबंध

पहल का उद्देश्य

प्राचार्य एस.के. मिश्रा के अनुसार इस फैसले का मुख्य उद्देश्य है:

बच्चों को मोबाइल की लत से बचाना

शारीरिक और मानसिक स्वास्थ्य में सुधार

स्क्रीन टाइम कम करना

पढ़ाई में एकाग्रता और याददाश्त बढ़ाना

उन्होंने कहा कि डिजिटल होमवर्क बच्चों की सेहत के लिए हानिकारक साबित हो रहा है, जिससे उनकी याददाश्त और ध्यान क्षमता प्रभावित हो रही है।

अभिभावकों ने किया स्वागत

स्कूल प्रबंधन के इस फैसले का अभिभावकों ने जोरदार समर्थन किया है।
अभिभावकों का कहना है:
“अब बच्चों का मोबाइल पर होमवर्क का बहाना नहीं चलेगा”
“यह फैसला बच्चों के भविष्य के लिए बेहद जरूरी है”

कोरोना के बाद बढ़ी थी मोबाइल निर्भरता

कोरोना काल में ऑनलाइन पढ़ाई के चलते बच्चों की पढ़ाई मोबाइल पर शिफ्ट हो गई थी।
हालात सामान्य होने के बाद भी कई स्कूल व्हाट्सऐप के जरिए होमवर्क दे रहे थे, जिससे बच्चों में मोबाइल की लत तेजी से बढ़ रही थी।

विशेषज्ञों की चेतावनी

मनोचिकित्सक डॉ. प्रशांत कुमार मिश्रा ने बताया:

मोबाइल के अधिक उपयोग से बच्चों में एकाग्रता की कमी

सामाजिक व्यवहार में गिरावट

चिड़चिड़ापन, तनाव, नींद की समस्या

नेत्र विशेषज्ञ डॉ. अंबरीष सोनी ने कहा:

ज्यादा स्क्रीन टाइम से आंखों पर बुरा असर

मायोपिया (दूर की नजर कमजोर) का खतरा

सिरदर्द, जलन और कम उम्र में चश्मा लगने की समस्या

बच्चों के भविष्य की दिशा में बड़ा कदम

डीएवी-04 का यह निर्णय न केवल बच्चों को मोबाइल की लत से दूर रखने की दिशा में अहम है, बल्कि उनकी स्वस्थ जीवनशैली और बेहतर शिक्षा प्रणाली की ओर भी एक मजबूत पहल माना जा रहा है।

फिलहाल यह पहल पूरे क्षेत्र में चर्चा का विषय बन गई है और अन्य स्कूलों के लिए भी एक उदाहरण बन सकती है।

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