कैमूर/बिहार,
भीम जयंती पर अशांति फैलाने की साजिशों पर रोक लगाने हेतु पुलिस अधीक्षक को सौंपा गया ज्ञापन
कैमूर। आगामी 14 और 15 अप्रैल को भीम जयंती के उपलक्ष्य में आयोजित होने वाले कार्यक्रमों के दौरान जिले में शांति व्यवस्था बनाए रखने और संभावित वैमनस्य को रोकने के लिए सामाजिक संगठनों ने कमर कस ली है। इसी क्रम में, बुद्धिजीवियों और विभिन्न सामाजिक संगठनों के प्रतिनिधियों ने कैमूर के आरक्षी अधीक्षक (SP) हरिमोहन शुक्ल से मुलाकात कर एक ज्ञापन सौंपा। बता दें कि परशुराम सेना के अध्यक्ष विनोद तिवारी और राष्ट्रीय सवर्ण समाज संघ (बिहार) के प्रदेश अध्यक्ष सह स्वतंत्र कलमकार कुमार चन्द्र भूषण तिवारी के नेतृत्व में प्रतिनिधिमंडल ने आरक्षी अधीक्षक का ध्यान इस ओर आकृष्ट कराया कि कुछ उपद्रवी तत्व भीम जयंती की आड़ में राष्ट्रविरोधी और धर्मविरोधी गतिविधियों को अंजाम दे सकते हैं। वही प्रतिनिधिमंडल ने चिंता व्यक्त करते हुए कहा कि अतीत में भीम आर्मी जैसे संगठनों द्वारा सनातन धर्म और उनके आराध्यों के विरुद्ध अपमानजनक टिप्पणी करने का प्रचलन बढ़ा है। साथ ही सोशल मीडिया के माध्यम से जानकारी मिल रही है कि इस वर्ष जिले में 'मनुस्मृति' जलाने जैसी विवादास्पद गतिविधियाँ आयोजित करने की तैयारी है। वही परशुराम सेना के प्रदेश अध्यक्ष का कहना है कि ऐसे कृत्य सामाजिक समरसता को बिगाड़ सकते हैं और किसी भी बड़ी अनहोनी का कारण बन सकते हैं। आपको बताते हुए चलें कि वही प्रतिनिधिमंडल ने स्पष्ट रूप से कहा कि यदि इस दौरान किसी भी प्रकार की जन-धन की हानि या अप्रिय घटना होती है, तो इसकी पूर्ण जिम्मेदारी आयोजक मंडली के साथ-साथ शासन-प्रशासन की होगी। उन्होंने मांग की है कि राष्ट्र की एकता को खंडित करने वाले शब्दों और कृत्यों पर तत्काल प्रतिबंध लगाया जाए। वही ज्ञापन सौंपने के दौरान प्रतिनिधिमंडल में मोनु पाण्डेय, शैलेश द्विवेदी और राजन तिवारी भी शामिल थे। आरक्षी अधीक्षक हरिमोहन शुक्ल ने प्रतिनिधिमंडल की बातों को गंभीरता से सुना और जिले में समुचित कानून व्यवस्था बनाए रखने का भरोसा दिया। उन्होंने सामाजिक कार्यकर्ताओं से शांति बनाए रखने में सहयोग की भी अपील की। वही प्रतिनिधिमंडल का कहना है कि "जिन्होंने मनुस्मृति को पढ़ा नहीं, वही इसका विरोध कर रहे हैं। बिना प्रमाण के मनगढ़ंत कहानियों और झूठी बयानबाजी के आधार पर समाज में जहर घोलने की अनुमति नहीं दी जानी चाहिए।" आपको बताते हुए चलें कि जिले में शांति और सौहार्द बनाए रखने के लिए पुलिस प्रशासन अब हाई अलर्ट पर है और सोशल मीडिया समेत अन्य गतिविधियों पर पैनी नजर रखी जा रही है।