अब स्मार्ट कार्ड के बिना दिव्यांगों के बस में मुफ्त सफर पर रोक उत्तर प्रदेश परिवहन विभाग में
परिवहन विभाग ने अब रोडवेज बसों में दिव्यांग यात्रियों को मुफ्त यात्रा का लाभ लेने के लिए स्मार्ट कार्ड अनिवार्य कर दिया गया है। बिना स्मार्ट कार्ड के किसी भी दिव्यांग यात्री को बस में मुफ्त. यात्रा की अनुमति नहीं दी जाएगी। परिवहन निगम के इस नए नियम के लागू होते ही दिव्यांग यात्रियों में असमंजस की स्थति उत्पन्न हो गई है। :
रोडवेज बसों में फर्जी प्रमाण पत्र = जरिए मुफ्त यात्रा का लाभ उठाने बाले लोगों की अब मुश्किलें बढ़ बएगी। परिवहन विभाग के स्मार्ट बर्ड के बिना यात्रा करने वाले दिव्यांगों पर रोक लगेगी। कई बार जांच में सामने आया है कि कुछ लोग गलत दस्तावेजों के आधार पर बस में मुफ्त यात्रा कर रहे थे, जिससे राजस्व को नुकसान हो रहा था। अब केवल 40 प्रतिशत या उससे अधिक दिव्यांगता वाले व्यक्तियों को ही इस सुविधा का लाभ दिया जाएगा। वहीं, 80 प्रतिशत से अधिक दिव्यांगता वाले यात्रियों के साथ एक सहायक को भी निशुल्क यात्रा की अनुमति दी जाएगी। नई व्यवस्था के तहत अब दिव्यांगता प्रमाण पत्र की फोटो कापी दिखाकर मुफ्त यात्रा नहीं की जा सकेगी। स्मार्ट. कार्ड में यूडीआइडी नंबर के साथ आधार और पंजीकृत मोबाइल नंबर दर्ज रहेगा। बस में लगे इलेक्ट्रानिक टिकट मशीन (ईटीएम) में कार्ड स्वैप करने पर यूडीआईडी नंबर स्क्रीन पर दिखेगा और पंजीकृत मोबाइल नंबर पर ओटीपी भेजा जाएगा। ओटीपी सत्यापन के बाद परिचालक यात्री को गंतव्य तक का टिकट जारी करेगा, जिसमें किराया शून्य दर्ज रहेगा। 80 याला के साथ एक सहायक को भी निशुल्क यात्रा
रोडवेज बसों में दिव्यांग यात्रियों के लिए नया नियम लागू
फर्जीवाड़े पर लगेगी रोक अब स्मार्ट कार्ड ही पहचान का आधार
नए नियम के तहत दिव्यांग यात्रियों को अब अपने साथ जारी किया गया स्मार्ट कार्ड रखना, अनिवार्य होगा। यह कार्ड डिजिटल रूप से सत्यापित होगा, और बस कंडक्टर मशीन के माध्यम से इसकी जांच करेंगे। बिना कार्ड के यात्रा करने पर किराया देना होगा अब रोडवेज बसों में दिव्यांग बैगर यूडीआइडी कार्ड के
आर निश्शुल्क यात्रा नहीं कर सकेंगे। इस व्यवस्था से फर्जी दिव्यांग बनकर यात्रा करने वालों पर रोक लगेगी।
- मनोज वाजपेयी, आरएम।