जल गंगा संवर्धन अभियान के संबंध में स्वसहायता समूह सदस्यों के साथ कार्यशाला आयोजित
टीकमगढ़ - कलेक्टर श्री विवेक श्रोत्रिय के निर्देशन एवं मुख्य कार्यपालन अधिकारी जिला पंचायत श्री नवीत कुमार धुर्वे के मार्गदर्शन में म.प्र.डे-राज्य ग्रामीण आजीविका मिशन के द्वारा आज जल गंगा संवर्धन अभियान के संबंध में स्वसहायता समूह सदस्यों के साथ कार्यशाला का आयोजन किया गया। कार्यशाला में जिला परियोजना प्रबंधक राज्य ग्रामीण आजीविका मिशन श्री देवेन्द्र श्रीवास्तव द्वारा जिले में जल संरक्षण को बढ़ावा देने के लिए जल गंगा संवर्धन अभियान 30 मार्च से प्रारंभ किया गया है, जो 30 जून 2026 तक सतत रूप से चलेगा। महाअभियान का उद्देश्य न केवल नए तालाबों का बल्कि जनसहभागिता से इसे एक जन आंदोलन का रूप देना भी है। अभियान में प्रमुख रूप से शामिल नारों को स्वसहायता समूहों की महिला शक्ति द्वारा उच्चारित करते हुये हर बूंद मायने रखती है। जल का संरक्षण करें, जीवन का संरक्षण करें। पानी अनमोल है-इसे बर्बाद न करें। पानी का बुद्धिमानी से उपयोग करें भविष्य को सुरक्षित करें, इत्यादि नारों से परिसर को गुंजायमान किया गया साथ ही डिप सिंचाई, वर्षा जल संचयन, जल-कुशल फसों की रोपण, संरक्षण जुताई और उचित जल प्रबंधन जैसी पद्धतियों जल की बर्बादी को काफी हद तक कम कर सकती हैं और कृषि उत्पादकता को बढ़ा सकती हैं, इस पर भी प्रकाश डाला गया। तत्पश्चात जिला एवं खण्ड स्तरीय अमले द्वारा जल संरक्षण के लिए आप क्या कर सकते हैं? के संबंध में विस्तारपूर्वक चर्चा की गई। उक्त चर्चा में यह जांच करें कि आपके घर में पानी का रिसाव न हो। आपको जितनी आवश्यकता हो उतने ही जल का उपयोग करें। पानी के नलों को इस्तेमाल करने के बाद बंद रखें। मंजन करते समय नल को बंद रखें तथा आवश्यकता होने पर ही खोले। नहाने के लिए अधिक जल को व्यर्थ न करें। अंत में जिला परियोजना प्रबंधक राज्य ग्रामीण आजीविका मिशन द्वारा आभार प्रदर्शन करते हुए कार्यक्रम का समापन किया गया।