चंदाडाढ़ी में प्रस्तावित बॉक्साइट खदान का सर्वे फिर शुरू, कड़ी सुरक्षा में शुरू हुआ कार्य.!
कुसमी/बलरामपुर (मोहम्मद खालिद)
कुसमी विकासखंड अंतर्गत ग्राम पंचायत सुरबेना के सहायक ग्राम चंदाडाढ़ी में प्रस्तावित बॉक्साइट खदान के लिए सर्वे कार्य सोमवार को एक बार फिर शुरू किया गया। प्रशासन और हिंडालको इंडस्ट्रीज लिमिटेड की संयुक्त टीम आधुनिक परीक्षण मशीनों के साथ मौके पर पहुंची। किसी भी संभावित विवाद की आशंका को देखते हुए भारी पुलिस बल तैनात किया गया था।
प्राप्त जानकारी के अनुसार, हिंडालको इंडस्ट्रीज लिमिटेड को लगभग एक वर्ष पूर्व परफेक्टिंग लीज का लाइसेंस प्राप्त हुआ है। इसके बाद से कंपनी द्वारा लीज क्षेत्र के चयन और खनिज उपलब्धता के आकलन हेतु लगातार सर्वे किया जा रहा है। हालांकि, इस प्रक्रिया को लेकर शुरुआत से ही स्थानीय ग्रामीणों में आशंकाएं बनी हुई हैं, जिसके चलते पूर्व में कई बार सर्वे कार्य बाधित भी हुआ था।
*प्रशासनिक और तकनीकी टीम रही मौजूद*
सोमवार को हुए सर्वे के दौरान कुसमी एसडीएम अनमोल विवेक टोप्पो, तहसीलदार रॉकी एक्का, एसडीओपी आशीष कुंजाम सहित राजस्व और पुलिस विभाग के कई अधिकारी मौजूद रहे। इसके अलावा अन्य जिलों से भी अतिरिक्त पुलिस बल तैनात किया गया था। हिंडालको के खान प्रभाग सामरी की तकनीकी टीम भी आधुनिक मशीनों के साथ मौके पर उपस्थित रही।
सर्वे के दौरान जमीन से नमूने (सैंपल) एकत्रित किए जा रहे हैं, जिनके आधार पर क्षेत्र में बॉक्साइट की उपलब्धता, गुणवत्ता और खनन की संभावनाओं का वैज्ञानिक आकलन किया जाएगा। हालांकि, बीच में मशीन में तकनीकी खराबी आने से कुछ समय के लिए कार्य प्रभावित हुआ।
*सुरक्षा के कड़े इंतजाम*
क्षेत्र की संवेदनशीलता को देखते हुए प्रशासन ने व्यापक सुरक्षा व्यवस्था की है। बलरामपुर-रामानुजगंज के साथ-साथ सरगुजा और जशपुर जिलों से भी पुलिस बल बुलाया गया है। पूरे क्षेत्र में सुरक्षा इतनी सख्त रही कि माहौल पुलिस छावनी जैसा नजर आया। फिलहाल सर्वे कार्य के दौरान किसी प्रकार का विरोध या तनाव देखने को नहीं मिला।
*ग्रामीणों की चिंता अब भी कायम*
भले ही सर्वे कार्य शुरू हो गया है, लेकिन स्थानीय ग्रामीणों के बीच जमीन अधिग्रहण, पर्यावरणीय प्रभाव और संभावित विस्थापन को लेकर चिंता बनी हुई है। ग्रामीणों का कहना है कि उन्हें परियोजना से जुड़ी स्पष्ट जानकारी और भरोसेमंद आश्वासन की आवश्यकता है।
*भरोसा जीतना प्रशासन के लिए बड़ी चुनौती*
इस पूरे मामले में प्रशासन और कंपनी के सामने सबसे बड़ी चुनौती स्थानीय लोगों का विश्वास जीतना और उनकी शंकाओं का समाधान करना है। यदि संवाद और पारदर्शिता नहीं बढ़ाई गई, तो भविष्य में विरोध की स्थिति फिर उत्पन्न हो सकती है।
*एसडीएम का बयान*
इस संबंध में कुसमी एसडीएम अनमोल विवेक टोप्पो ने बताया कि हिंडालको कंपनी को “परफेक्टिंग लीज” का लाइसेंस प्राप्त है, जिसके तहत सर्वे कार्य किया जा रहा है। उन्होंने कहा कि कानून-व्यवस्था बनाए रखने के लिए पुलिस और राजस्व विभाग की टीम मौके पर तैनात है और सर्वे कार्य शांतिपूर्ण तरीके से संचालित किया जा रहा है।