नोएडा में हुए उग्र प्रदर्शन के बाद पुलिस एक्शन मोड में आ गई है. आगजनी और तोड़फोड़ के मामले में अब तक करीब 300 लोगों को गिरफ्तार किया जा चुका है, जबकि
100 से अधिक लोगों को हिरासत में लेकर पूछताछ की जा रही है. फैक्ट्रियों के सीसीटीवी फुटेज के आधार पर अराजक तत्वों की पहचान की जा रही है और आने वाले समय में अन्य लोगों के खिलाफ भी सख्त कार्रवाई की संभावना जताई जा रही है. इस खबर की कंफर्मेशन जॉइंट सीपी लॉ एंड ऑर्डर राजीव नारायण मिश्रा ने फोन पर दी.
नोएडा में हुई हिंसा के पीछे सुनियोजित षड्यंत्र की बात सामने आ रही है. पुलिस का दावा है कि प्रारंभिक जांच में संकेत मिले हैं कि पूरे घटनाक्रम को भड़काने के लिए सोशल मीडिया का बड़े पैमाने पर इस्तेमाल किया गया. अफवाहों के जरिए माहौल को तनावपूर्ण बनाने की कोशिश की गई, जिसके बाद स्थिति बिगड़ गई. सूत्रों के मुताबिक, हिंसा से पहले सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म पर झूठी और भ्रामक जानकारी तेजी से फैलाई गई.
जांच में यह भी सामने आया है कि करीब 50 से अधिक फर्जी हैंडल सिर्फ 24 घंटे के भीतर बनाए गए और उन्हें अफवाह फैलाने के लिए सक्रिय किया गया. इन हैंडल्स के जरिए लगातार भड़काऊ संदेश, वीडियो