कालका: 57 गांवों से 'पेरीफेरी एक्ट' हटाने की मांग, सरपंच एसोसिएशन ने सांसद कार्तिकेय शर्मा को सौंपा पत्र
दिनेश मिश्रा पंचकूला | जिला पंचकूला की कालका तहसील के अंतर्गत आने वाले गांवों में विकास और संपत्ति खरीद-फरोख्त में आ रही बाधाओं को दूर करने के लिए सरपंचों ने लामबंदी शुरू कर दी है। 'द सरपंच एसोसिएशन जिला पंचकूला' ने राज्यसभा सांसद माननीय कार्तिकेय शर्मा को एक औपचारिक पत्र लिखकर कालका तहसील के 57 गांवों से 'पेरीफेरी एक्ट' को तुरंत प्रभाव से हटाने की मांग की है।
प्रमुख समस्याएं और मांगें:
एसोसिएशन के पदाधिकारियों ने पत्र के माध्यम से सांसद को अवगत कराया कि:
विकास में बाधा: तहसील के 57 गांवों में अभी भी 'पेरीफेरी एक्ट' लागू है, जबकि अन्य क्षेत्रों से इसे हटाया जा चुका है।
मकान निर्माण में मुश्किल: इस कानून के कारण स्थानीय निवासी अपनी जरूरत के अनुसार अपना मकान बनाने में असमर्थ हैं।
जमीन की खरीद-फरोख्त पर रोक: किसानों को अपनी जमीन या उसका छोटा हिस्सा (बिस्वा) बेचने में भारी कानूनी दिक्कतों का सामना करना पड़ रहा है, जिससे उनकी आर्थिक स्थिति प्रभावित हो रही है।
आम जनता के लिए राहत की अपील
सरपंचों का कहना है कि इस पुराने कानून की वजह से आम जनमानस को काफी परेशानी हो रही है। पत्र में अनुरोध किया गया है कि उक्त एक्ट को हटवाया जाए ताकि क्षेत्र के विकास को गति मिल सके और स्थानीय निवासियों को मालिकाना हक के इस्तेमाल में राहत मिल सके।