ओडिशा हाईकोर्ट के आदेश पर सीआरसीएस ने दोनों सहारा समूह की सोसायटी के चेयरमैन को तुरंत ब्याज समेत पैसे लौटाने का निर्देश दिया
नई दिल्ली, 14 अप्रैल 2026
केंद्रीय सहकारी समितियों के रजिस्ट्रार (सीआरसीएस) ने सहारा ग्रुप की दो बहु-राज्यीय सहकारी समितियों को एक बहुत महत्वपूर्ण आदेश जारी किया है। ओडिशा हाईकोर्ट के 15 जनवरी 2026 के आदेश का पालन करते हुए सीआरसीएस ने श्री केदारनाथ पटनायक की जमा राशि ब्याज समेत तुरंत वापस करने का सख्त निर्देश दिया है।
मामला क्या है?
श्री केदारनाथ पटनायक हुमारा इंडिया क्रेडिट कोऑपरेटिव सोसाइटी लिमिटेड (कोलकाता) और सहारा क्रेडिट कोऑपरेटिव सोसाइटी लिमिटेड (लखनऊ) में जमा धन के डिपॉजिटर हैं। उन्होंने सीआरसीएस-सहारा रिफंड पोर्टल पर 9 मई 2024 को अपना क्लेम (सीआरएन नंबर 24050912298102) दाखिल किया था। लेकिन जमा राशि 5 लाख रुपये से ज्यादा होने के कारण पोर्टल पर क्लेम प्रोसेस नहीं हो सका। सीआरसीएस ने पहले उन्हें अतिरिक्त दस्तावेज जैसे इनकम टैक्स रिटर्न, बैंक स्टेटमेंट आदि जमा करने को कहा था।
अब सीआरसीएस ने हाईकोर्ट के आदेश पर सख्ती दिखाई है। आदेश में साफ लिखा गया है:
“...there is no restriction for the above Societies to refund the deposits of the depositors, therefore, the CEO & Chairman of Sahara Credit Cooperative Society Ltd., Lucknow and Humara India Credit Cooperative Society Ltd., Kolkata are hereby directed to make payment alongwith interest for the deposits of the petitioner immediately.”
सीआरसीएस का पूरा आदेश (मार्च 2026)
आदेश में कहा गया है कि सहकारी समितियाँ स्वायत्त हैं और अपने सदस्यों के प्रति जवाबदेह हैं। सुप्रीम कोर्ट के 29 मार्च 2023 के आदेश के तहत सीआरसीएस-सहारा रिफंड पोर्टल पहले से चल रहा है, लेकिन इस मामले में हाईकोर्ट के निर्देश के बाद पोर्टल के अलावा सीधे सहारा सोसायटी को भुगतान का रास्ता भी खोल दिया गया है।
सीआरसीएस ने दोनों सोसायटी के चेयरमैन/सीईओ को तुरंत भुगतान करने का निर्देश दिया है। आदेश का पालन न करने पर कानूनी कार्रवाई हो सकती है। सीआरसीएस ने ओडिशा हाईकोर्ट में भी इस आदेश की अनुपालन रिपोर्ट दाखिल करने को कहा है।
क्या करेंगे जमा करने वाले?
श्री केदारनाथ पटनायक को अब दोनों सोसायटी से ब्याज समेत अपनी पूरी राशि मिलने की पूरी उम्मीद है।
यह फैसला उन हजारों छोटे-छोटे जमाकर्ताओं के लिए राहत की खबर है जो सालों से सहारा समितियों में अपनी मेहनत की कमाई जमा करके परेशान थे।
जो भी जमाकर्ता इसी तरह की समस्या से जूझ रहे हैं, वे सीआरसीएस-सहारा रिफंड पोर्टल (mocrefund.crcs.gov.in) पर अपना क्लेम दोबारा जमा कर सकते हैं या सीधे अपनी सोसायटी से संपर्क कर सकते हैं।
आदेश की मुख्य बातें (संक्षेप में):
हाईकोर्ट के आदेश का पूरा पालन।
सोसायटी को बिना किसी रोक-टोक के पैसे लौटाने का निर्देश।
ब्याज सहित तुरंत भुगतान।
सीआरसीएस ने पोर्टल के साथ-साथ सोसायटी को भी जिम्मेदार ठहराया।
यह खबर उन लाखों लोगों के लिए उम्मीद की किरण है जिनकी जमा राशि अटकी हुई थी। अब सहारा की सोसायटी व अधिकारीयों को बिना बहाने के तुरंत पैसे लौटाने होंगे। अगर आप भी इसी तरह किसी सहकारी समिति में जमा करने वाले हैं तो इस आदेश की कॉपी रख लें, यह आपके काम आ सकती है!
नौशाद अली।
सहारा के मामलों के जानकार