कौशाम्बी युग दधीचि परम देहदानी स्व श्री रामेश्वर प्रसाद त्रिपाठी की छठवीं पुण्यतिथि पर हुआ एक कुंडीय गायत्री महायज्ञ का आयोजन।
कौशाम्बी: अखिल विश्व गायत्री परिवार शांतिकुंज हरिद्वार के सौजन्य से कौशाम्बी के युग दधीचि परम् देहदानी स्व श्री रामेश्वर प्रसाद त्रिपाठी की मनायी गई छठवीं पुण्यतिथि। इस अवसर पर उनके आवास लोकीपुर में एक आध्यात्मिक कार्यक्रम का आयोजन हुआ जिसमें चौबीस सहस्त्र गायत्री महाजप एवं एक कुंडीय गायत्री महायज्ञ के साथ आहुतियां समर्पित करते हुए उनके पारिवारिक सदस्यों के साथ गायत्री परिवार के कई परिजनों ने विश्व कल्याण की भावना से इस कार्यक्रम में भाग लिया। उनके सुपुत्र व जिला युवा समन्वयक गायत्री परिवार कौशांबी डॉ ज्ञानेश्वर त्रिपाठी ने के अनुसार उनके पिता देहदानी रामेश्वर प्रसाद त्रिपाठी एक बैंककर्मी होने के साथ अखिल विश्व गायत्री परिवार के वरिष्ठ सक्रिय कार्यकर्ता के रूप में प्रतिष्ठित रहे। उनकी ईमानदारी सरलता सहजता से युक्त उनका व्यक्तित्व समाज के लिए प्रेरणा का स्रोत तब बना जब वे गायत्री परिवार से जुड़े और गायत्री परिवार के संस्थापक एवं विचार क्रांति अभियान के प्रणेता युगऋषि पंडित श्रीराम शर्मा आचार्य से दीक्षित होकर श्रेष्ठ गायत्री उपासक साधक और आराधक बने। अपने गुरुदेव पंडित श्रीराम शर्मा आचार्य जी के विचारों से प्रभावित होकर व उनके आचरण पर चलते हुए प्रयागराज के मेडिकल छात्रों के प्रायोगिक ज्ञान में निपुणता हेतु उन्होंने अपनी इच्छानुसार एवं घर के सदस्यों की सहमति सन 2018 में अपने गुरुदेव के सानिध्य में अपने मरणोपरांत देहदान करने का संकल्प किया था। जिसे उन्होंने 71वर्ष की आयु में कोरोना काल में अपने प्रयाण द्वारा 13अप्रैल 2020 को पूरा किया। सादा जीवन उच्च विचार ही उनकी सादगी का प्रतीक था। उनकी पत्नी गुलाब देवी त्रिपाठी एवं सुपुत्र सुपुत्रियो में बृजेश्वर त्रिपाठी राजेश्वर त्रिपाठी श्यामू त्रिपाठी डॉ ज्ञानेश्वर त्रिपाठी शमला देवी अर्चना पाण्डेय आराधना शुक्ला सहित उनकी तीसरी पीढ़ी के सदस्यों ने उनको ही अपना आदर्श माना है और सभी गायत्री परिवार से प्रभावित होकर लगभग साढ़े चौतीस सौ से अधिक पुस्तकों के लेखक युगदृष्टा पंडित श्रीराम शर्मा आचार्य जी के विचारों को विश्व कल्याण की भावना से जन जन तक पहुंचाने हेतु निष्काम भाव से गायत्री परिजन के रूप में आज भी कार्य कर रहे हैं ये अपने आप में एक आदर्श परिवार और देव परिवार का उदाहरण है। इस अवसर पर गायत्री परिजनों में अवधेश त्रिपाठी राजेंद्र केशरवानी रामआसरे विश्वकर्मा वरिष्ठ अधिवक्ता जयदीप पांडेय सत्य नारायण पेंटर बाबू सतीश छत्रधारी प्रमोद विनोद मुंशी जी संजय शर्मा करन यादव सौरभ वर्मा सहित अनेक परिजन उपस्थित रहे।