बिना वजह चेन पुलिंग पर सख्ती: चक्रधरपुर रेल मंडल में 297 मामले दर्ज, 276 गिरफ्तार
जमशेदपुर:दक्षिण पूर्व रेलवे के अंतर्गत आने वाले चक्रधरपुर मंडल में ट्रेनों की सुरक्षा और समयबद्धता को लेकर बड़ा अभियान चलाया जा रहा है। इस अभियान के तहत बिना किसी वैध कारण के ट्रेन की इमरजेंसी चेन खींचने (Alarm Chain Pulling) की घटनाओं पर सख्त कार्रवाई की जा रही है। रेलवे प्रशासन ने इसे गंभीर अपराध मानते हुए यात्रियों को चेतावनी भी जारी की है कि केवल वास्तविक आपात स्थिति में ही चेन पुलिंग करें, अन्यथा कानूनी कार्रवाई का सामना करना पड़ेगा।
रेलवे द्वारा जारी आंकड़ों के अनुसार जनवरी 2026 से 8 अप्रैल 2026 तक कुल 297 मामलों में चेन पुलिंग की घटनाएं दर्ज की गई हैं, जिनमें 276 लोगों को गिरफ्तार किया गया है। यह आंकड़े दर्शाते हैं कि समस्या लगातार बनी हुई है और इसे रोकने के लिए सख्त कदम उठाए जा रहे हैं।
माहवार आंकड़ों पर नजर डालें तो जनवरी 2026 में 94 मामले सामने आए, जिनमें 88 लोगों को गिरफ्तार किया गया। फरवरी 2026 में 74 मामले दर्ज हुए और 68 लोगों को पकड़ा गया। मार्च 2026 में यह संख्या बढ़कर 99 मामलों तक पहुंच गई, जिसमें 94 लोगों की गिरफ्तारी हुई। वहीं अप्रैल 2026 (8 अप्रैल तक) में 30 मामले सामने आए और 26 लोगों को गिरफ्तार किया गया।
रेलवे अधिकारियों के अनुसार चेन पुलिंग के कारण ट्रेनों की समय सारिणी बुरी तरह प्रभावित होती है। इससे न केवल यात्रियों को असुविधा होती है, बल्कि रेलवे संचालन में भी बाधा उत्पन्न होती है। कई बार यह घटना सुरक्षा के लिहाज से भी खतरनाक साबित हो सकती है, खासकर जब ट्रेन तेज गति से चल रही हो।
सबसे ज्यादा प्रभावित रेल खंडों में टाटानगर से झारसुगुड़ा तथा नुआगांव से राउरकेला के बीच का सेक्शन शामिल है। इन क्षेत्रों में बार-बार चेन पुलिंग की घटनाएं सामने आने के कारण रेलवे प्रशासन विशेष निगरानी रख रहा है। आरपीएफ (रेलवे सुरक्षा बल) और जीआरपी (सरकारी रेलवे पुलिस) की संयुक्त टीमों द्वारा नियमित जांच और गश्त बढ़ा दी गई है।
रेलवे ने यह भी बताया कि अब तक 29 ट्रेनों में चेन पुलिंग करने वाले आरोपियों को मौके पर ही हिरासत में लिया गया है। इसके साथ ही जागरूकता अभियान भी चलाया जा रहा है, जिसमें यात्रियों को समझाया जा रहा है कि बिना कारण चेन खींचना एक दंडनीय अपराध है और इसके लिए जुर्माना या जेल दोनों हो सकते हैं।
अधिकारियों का कहना है कि कई बार यात्री छोटी-छोटी बातों जैसे ट्रेन छूट जाने, सामान उतरने में देरी या निजी कारणों से चेन खींच देते हैं, जो पूरी तरह गलत है। ऐसे कृत्य से हजारों यात्रियों को परेशानी होती है और ट्रेन संचालन बाधित होता है।
रेलवे प्रशासन ने सभी यात्रियों से अपील की है कि वे नियमों का पालन करें और केवल आपात स्थिति—जैसे किसी यात्री की तबीयत बिगड़ना, आग लगना या कोई गंभीर दुर्घटना—में ही चेन पुलिंग करें। साथ ही, यदि कोई यात्री इस तरह की गतिविधि करता दिखे तो तुरंत रेलवे कर्मचारियों को सूचित करें।
चक्रधरपुर मंडल में चलाया जा रहा यह अभियान न केवल कानून व्यवस्था को मजबूत करने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम है, बल्कि यात्रियों की सुरक्षा और सुविधा सुनिश्चित करने की दिशा में भी प्रभावी साबित हो रहा है। रेलवे को उम्मीद है कि सख्ती और जागरूकता के इस संयुक्त प्रयास से भविष्य में ऐसी घटनाओं में कमी आएगी।