बूढ़ा पहाड़ क्षेत्र के समग्र विकास को लेकर गढ़वा में उच्चस्तरीय समीक्षा बैठक, वित्त मंत्री ने अधिकारियों संग की विस्तृत समीक्षा, विकास योजनाओं को गति
गढ़वा। गढ़वा जिले के बुढ़ा पहाड़ एवं टेहरी पंचायत के सभी संबंधित गांवों में बुनियादी सुविधाओं को सुदृढ़ किया जायेगा। इसके लिए जिला प्रशासन ने कवायद तेज कर दी है। क्षेत्र के समग्र विकास को लेकर आज समाहरणालय सभागार में बैठक हुई। इसकी अध्यक्षता वित्त, वाणिज्य-कर, योजना एवं विकास तथा संसदीय कार्य विभाग के मंत्री राधाकृष्ण किशोर ने की। बैठक में समग्र विकास को लेकर ठोस रणनीति बनाई गई। बैठक में संबंधित गावों में पेयजल, सड़क, बिजली, स्वास्थ्य, शिक्षा सहित अन्य आधारभूत सुविधाओं एवं संरचनाओं की समीक्षा करते हुए कमियों को प्राथमिकता के आधार पर दूर करने का निर्णय लिया गया। माननीय मंत्री ने दूरस्थ एवं पहाड़ी क्षेत्रों तक योजनाओं का लाभ सुनिश्चित करने पर विशेष जोर दिया। उन्होंने
अधिकारियों को विभागीय समन्वय के साथ कार्यों में तेजी लाने और नियमित मॉनिटरिंग सुनिश्चित करने का निर्देश दिया, ताकि विकास कार्य समयबद्ध रूप से पूर्ण हो सके और क्षेत्र के समग्र विकास को नई गति मिल सके। मंत्री ने कहा कि सरकार हर व्यक्ति तक विकास योजनाएं पहुंचाने के लिए कटिबद्ध है। बूढ़ा पहाड़ क्षेत्र, जो लंबे समय तक उग्रवाद से प्रभावित रहा है, अब एक नए दौर में प्रवेश कर चुका है। मंत्री ने इस परिवर्तन को रेखांकित करते हुए कहा कि अब सरकार की
प्राथमिकता है कि यहां के लोगों को सभी कल्याणकारी योजनाओं का लाभ मिले और वे समाज की मुख्यधारा से जुड़कर राज्य के विकास में अपनी सक्रिय भागीदारी निभा सकें। मंत्री ने सड़क निर्माण पर गंभीरता दिखाते हुए कहा कि क्षेत्र के लोगों को आज बेहतर सड़क एवं बच्चों को गुणवत्ता पूर्ण शिक्षा देने की आवश्यकता है। शिक्षा ग्रहण के लिए उन्हें दूर नहीं जाना पड़े इसका ध्यान रखा जाना चाहिए। सड़क निर्माण में आ रही तकनीकी बाधाओं, विशेषकर छत्तीसगढ़ क्षेत्र के हिस्से को लेकर, मंत्री ने स्पष्ट निर्देश दिए कि वह स्वयं संबंधित राज्य से समन्वय स्थापित कर आवश्यक NOC प्राप्त कर निर्माण कार्य को शीघ्र शुरू कराने का प्रयास करेंगे। उन्होंने 2 से 3 किलोमीटर सड़क निर्माण के लिए प्रस्ताव तैयार कर तुरंत विभाग को भेजने का निर्देश भी दिया।शिक्षा और स्वास्थ्य के क्षेत्र में भी महत्वपूर्ण निर्णय लिए गए। हेसारपुर में एक उच्च विद्यालय खोलने का प्रस्ताव तैयार करने तथा कुल्ही पंचायत में एक हेल्थ सब-सेंटर स्थापित करने के निर्देश दिए गए। इसके साथ ही क्षेत्र में नियमित स्वास्थ्य शिविर आयोजित करने पर भी बल दिया गया, ताकि लोगों को प्राथमिक स्वास्थ्य सेवाएं उनके नजदीक ही उपलब्ध हो सकें।आर्थिक
सशक्तिकरण को विकास का आधार मानते हुए मंत्री ने स्थानीय लोगों को स्वरोजगार से जोड़ने पर विशेष जोर दिया। उन्होंने बकरी पालन, गाय पालन, दूध और अंडा उत्पादन जैसे व्यवसायों को बढ़ावा देने की बात कही, जिससे ग्रामीणों की आय में वृद्धि हो सके और वे आत्मनिर्भर बन सकें।बैठक में पेयजल और बिजली व्यवस्था की भी गहन समीक्षा की गई। हर घर तक स्वच्छ पेयजल पहुंचाने के लिए नल-जल योजना को प्रभावी ढंग से लागू करने तथा बिजली आपूर्ति से जुड़े कार्यों को तेज करने के निर्देश दिए गए। साथ ही