अपना घर आश्रम में चार साल से बिछड़े पति- पत्नी को मिलाया
तीन वर्ष पूर्व बारां हाउसिंग बोर्ड कॉलोनी में एक लावारिस मानसिक विमंदित महिला के विषय में सूचना मिलने पर अपना घर आश्रम की रेस्क्यू टीम द्वारा एंबुलेंस से उस महिला को कोटा लाया गया। इस महिला के द्वारा अपना नाम गायत्री बताया लेकिन अपना पता या परिवार के विषय में बताने में यह असमर्थ थी।
अपना घर आश्रम में चार साल की निरंतर देखभाल और कॉन्सलिंग के बाद अब वह अपने परिवार के विषय में कुछ बताने में सक्षम हुई तो मालूल चला कि यह झालावाड की रहने वाली है।झालवाड़ परिवार से सम्पर्क करने पर उसके पति अपने एक रिश्तेदार के साथ अपनाघर आश्रम आए तो गायत्री ने तुरंत अपने पति को पहिचान लिया।
उसके पति नारायण ने बताया कि वह हरिपुरा,झालावाड़ का रहने वाला है।गायत्री लगभग चार से अधिक समय से घर से लापता थी।मानसिक विमंदित होने के कारण घर से बिना बताए निकल गई थी। घर वालों ने ढूँढने का बहुत प्रयास किया था लेकिन सभीं प्रयास विफल रहे। अपना घर आश्रम, से सूचना मिलने पर हम यहाँ गायत्री को घर ले जाने के लिए आए हैं।उन्होंने कहा कि अपना घर द्वारा गायत्री की अच्छी तरह से देखभाल करके बहुत ही नेक कार्य किया है।