अनुपमा देवी ने आज भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) की प्राथमिक सदस्यता के साथ-साथ अपने वर्तमान पद जिला मंत्री, रांची ग्रामीण से इस्तीफा
रांची से बड़ी राजनीतिक खबर ग्रामीण की सक्रिय महिला नेता अनुपमा देवी ने आज भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) की प्राथमिक सदस्यता के साथ-साथ अपने वर्तमान पद जिला मंत्री, रांची ग्रामीण से इस्तीफा दे दिया। इस फैसले के बाद स्थानीय राजनीतिक गलियारों में हलचल तेज हो गई है।
अनुपमा देवी ने अपने त्यागपत्र में कहा कि वह लंबे समय से दलित, पिछड़े और आदिवासी समाज के अधिकारों और समस्याओं को लेकर आवाज उठाती रही हैं, लेकिन पार्टी के भीतर उनकी बातों को अपेक्षित प्राथमिकता नहीं मिल रही थी। उन्होंने आरोप लगाया कि समाज के वंचित वर्गों से जुड़े कई अहम मुद्दों को नजरअंदाज किया जा रहा है, जिससे वह खुद को असहज महसूस कर रही थीं।
उन्होंने स्पष्ट कहा कि उनका संघर्ष हमेशा समाज के कमजोर वर्गों के हक और सम्मान के लिए रहा है और आगे भी रहेगा। पार्टी छोड़ने के पीछे उनका उद्देश्य किसी पद या स्वार्थ से नहीं, बल्कि सामाजिक न्याय और बराबरी की लड़ाई को मजबूती देना है।
अनुपमा देवी के इस कदम को दलित, पिछड़े और आदिवासी समुदाय के बीच एक मजबूत संदेश के रूप में देखा जा रहा है। राजनीतिक विश्लेषकों का मानना है कि उनका इस्तीफा आने वाले समय में क्षेत्रीय राजनीति पर असर डाल सकता है, खासकर रांची ग्रामीण क्षेत्र में।
हालांकि, भाजपा की ओर से इस इस्तीफे पर अभी तक कोई आधिकारिक प्रतिक्रिया सामने नहीं आई है। पार्टी सूत्रों के अनुसार, नेतृत्व इस मामले पर जल्द ही अपनी प्रतिक्रिया दे सकता है।
अब यह देखना दिलचस्प होगा कि अनुपमा देवी आगे किस राजनीतिक दिशा में कदम बढ़ाती हैं या स्वतंत्र रूप से सामाजिक आंदोलन को आगे बढ़ाती हैं। फिलहाल, उनके इस निर्णय ने झारखंड की राजनीति में नई चर्चा को जन्म दे दिया है।