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आदिवासी हल्बा समाज 18 गढ़ महासभा, मुख्यालय बड़ेडोंगर वार्षिक अधिवेशन, युवा महोत्सव एवं कैरियर मार्गदर्शन कार्यक्रम सम्पन्न


कोण्डागांव/फरसगांव (बड़ेडोंगर पत्थरागुड़)
आदिवासी हल्बा समाज 18 गढ़ महासभा, मुख्यालय बड़ेडोंगर द्वारा बड़ेडोंगर पत्थरागुड़ में भव्य वार्षिक अधिवेशन, युवा महोत्सव एवं कैरियर मार्गदर्शन कार्यक्रम का सफल आयोजन किया गया। इस कार्यक्रम में हजारों की संख्या में समाज के सगा-बंधुओं की उपस्थिति रही।
कार्यक्रम के मुख्य अतिथि क्षेत्रीय विधायक आदरणीय नीलकंठ टेकाम (विधानसभा केशकाल) रहे, वहीं कार्यक्रम की अध्यक्षता आदरणीय लतेल राम नाईक ने की। विशिष्ट अतिथि के रूप में समाज प्रमुख शिव कुमार पात्र उपस्थित रहे।
कार्यक्रम की शुरुआत आराध्य देवी माता मावली दन्तेश्वरी की पूजा-अर्चना एवं समाज ध्वज के ध्वजारोहण के साथ हुई। इसके पश्चात समाज की परंपरागत प्रतीकों एवं व्यवसायिक उपकरणों का विधिवत पूजन किया गया।
अध्यक्षीय उद्बोधन में समाज की उन्नति, संस्कृति संरक्षण एवं सामाजिक एकता पर विस्तृत विचार रखे गए। कार्यक्रम में युवाओं के लिए विशेष रूप से युवा-युवती परिचय सम्मेलन एवं कैरियर मड़ई का आयोजन किया गया, जिसमें बड़ी संख्या में युवाओं ने भाग लिया।
मुख्य अतिथि नीलकंठ टेकाम के आगमन पर उनका भव्य स्वागत पुष्पगुच्छ एवं हार-माला से किया गया। युवाओं एवं माताओं द्वारा पुष्प वर्षा कर उनका अभिनंदन किया गया। अपने संबोधन में उन्होंने समाज को संगठित रहने, परंपराओं एवं संस्कृति को संरक्षित करने तथा धर्मांतरण जैसी चुनौतियों के प्रति जागरूक रहने का संदेश दिया।
इस आयोजन में छत्तीसगढ़ के साथ-साथ उड़ीसा, महाराष्ट्र एवं मध्यप्रदेश से भी समाज के लोगों की व्यापक भागीदारी रही।
कार्यक्रम के दौरान विभिन्न क्षेत्रों से आए प्रतिभागियों द्वारा पारंपरिक एवं सांस्कृतिक प्रदर्शनी स्टॉल लगाए गए, जिनमें—
सुरडोंगर (केशकाल) की माताओं द्वारा कोदो, कुटकी, मड़िया, रागी से बने व्यंजन
माड़पाल से चापालाढ़ू, मंडिया पेज, बोबो रोटी एवं आरशा रोटी
नगरी (धमतरी) से आए युवा द्वारा मिट्टी कला में शहीद वीर गैंदसिंह भाऊ की प्रतिमा
सिहावा के कलाकार द्वारा पीपल एवं बरगद के पत्तों पर क्रांतिकारियों के चित्र
बड़ेडोंगर की युवतियों द्वारा पारंपरिक उपकरण जैसे ढेकी, सुपा एवं टोकरी का प्रदर्शन
जैसी आकर्षक प्रस्तुतियां शामिल रहीं, जो कार्यक्रम का मुख्य आकर्षण बनीं।
कार्यक्रम में लगभग 7 से 8 हजार लोगों की उपस्थिति रही। इस अवसर पर प्रतिभाशाली युवक-युवतियों, नवनियुक्त एवं सेवानिवृत्त अधिकारियों-कर्मचारियों का सम्मान किया गया तथा समाज प्रमुखों को स्मृति चिन्ह प्रदान किए गए।
भोजन व्यवस्था हेतु तीन स्टॉल लगाए गए थे, जिसमें समाज के सभी सगा-बंधुओं का सराहनीय सहयोग रहा। कार्यक्रम की सफलता में सामान्य प्रकोष्ठ, कर्मचारी प्रकोष्ठ, युवा-युवती प्रकोष्ठ एवं महिला प्रकोष्ठ की महत्वपूर्ण भूमिका रही।

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