देवली मांझी गांव में सामाजिक चेतना की लहर
ज्योतिबा फुले की 199 वीं जयंती को प्रेरणा दिवस के रूप में मनाया ।
@देवली माझी 13 अप्रैल 2026। 10 मार्च 1926 देवली मांझी गांव के लिए एक ऐतिहासिक दिवस के रूप में याद किया जाएगा। इस दिन गांव के उन जागरूक नागरिकों और युवाओं का 18 वर्षों के अथक प्रयासों को सफलता प्राप्त हुई।
वे अपने उन पुरुखों की प्रतिमाओं की स्थापना के लिए ग्राम पंचायत से जमीन की मांग कर रहे थे, जिन्होंने भारत के सोए हुए समाज में शिक्षा, जागृति और आमूलचूल परिवर्तन के लिए अपना जीवन न्यौछावर कर दिया।
लंबे संघर्षों के बाद,उन्हें पंचायत द्वारा उस स्थल पर जमीन का एक हिस्सा आवंटित कर दिया गया, जहां पर गांव की सब्जी मंडी और हाट बाजार लगता है। उन्होंने अपने गांव के साथ साथ निकटवर्ती गांवों, बारां और कोटा के जागरूक दलित भाइयों से सहयोग लिया और अंततः शहीद भगतसिंह, सावित्री बाई फुले, ज्योतिबा फुले और डॉ.भीम राव आंबेडकर की प्रतिमाएं स्थापित करने का सपना पूरा हुआ।
फुले _अंबेडकर जागृति मंच द्वारा संचालित सामाजिक चेतना के इस केन्द्र का नाम "प्रेरणा स्थल" रखा गया। शोषित पीड़ित समाज की महिलाओं में शिक्षा और ज्ञान की चेतना जगाने वाली सावित्री बाई फुले के स्मृति दिवस 10 मार्च को प्रशासक श्रीमती शकुंतला बाई मेघवाल द्वारा महापुरुषों की इन चार प्रतिमाओं का लोकार्पण समारोह संपन्न हुआ। इस क्रम को जारी रखते हुए 23 मार्च 2026 को अमर क्रांतिकारी भगत सिंह, सुखदेव और राजगुरु का शहीद दिवस, उनके क्रांतिकारी विचारों की रोशनी में मनाया गया।
कल 11अप्रैल, 26 को प्रेरणा स्थल पर" फुले आंबेडकर मंच "के सचिव लोकेश कुमार, अध्यक्ष राम चंद्र बाजड़ , मांगी लाल नेता जी, घांसी लाल, राजेन्द्र मेघवाल और उनके प्रेरक घनश्याम बौद्ध के प्रयासों से दलित वंचित समुदाय में गुलाम गिरी जैसी नव चेतना जगाने वाली पुस्तक के लेखक और सत्यशोधक समाज की स्थापना करने वाले ज्योतिबा फुले की 199 वीं जयंती मनाई गई। जागरण और क्रांतिकारी गीतों के साथ फुले की जयंती पर कार्यक्रम में उपस्थित सबसे नन्ही बालिका से केक कटवा कर खुशी व्यक्त की गई।
अब फुले आंबेडकर जागृति मंच के कार्यकर्ता , 14अप्रैल, 26 को पूरे देश में मनाई जाने वाली आंबेडकर जयंती की तैयारियों में जुटे हुए हैं।
सह आभार #महेन्द्र_नेह