होल्डिंग टैक्स में मामूली कटौती नेता और प्रतिनिधि खुश; क्रेडिट लेने की होड़!
डोमचांच (कोडरमा)- नगरपंचायत डोमचांच, कोडरमा और झुमरी तिलैया में अप्रत्याशित रूप से होल्डिंग टैक्स में वृद्धि कर दिया गया था। आग ! डोमचांच नगर पंचायत में लगी क्योंकि यहां के लोगों का मूल रोजगार
ढिबरा-पत्थर व्यवसाय जो लाइफ़ लाइन था ; सरकार की नीतियों के चलते नेस्तनाबूद हो गया और इसका सबसे बड़ा जवाबदेही स्थानीय सांसद-विधायक को जाता है जो लगातार तीन दशकों से सत्ता पर काबिज रहे हैं। पर हमेशा पल्ला झाड़ते रहे हैं। कहते हैं राज्य में हमारी सरकार नहीं है। लेकिन,आप यहां से लगातार प्रतिनिधित्व करते रहे हैं तो सख्त होकर जनता के लिए आवाज क्यों नहीं बन बन पाये?
जब से डोमचांच नगर पंचायत के रूप में आया लोगों को लगा था कि बेहतर सुविधाएं उपलब्ध कराई जाएगी। परिणाम उल्टा दिखा। रोजगार विहीन क्षेत्र जो कभी माइका से यहां का बाजार गुलजार रहता था; घर-घर खामोशी व सन्नाटा पसरा ;लोग पलायन करने के लिए मजबूर हो गए।छर्री- गिट्टी पत्थर से खूब रोजगार चलता था; नीरू पहाड़ी का मंडी गिट्टी के लिए बिहार में प्रसिद्ध था।पर, इस मंडी को भी ध्वस्त कर दिया गया। बेरोज़गारी और बढ़ी। जहां खुशियां थी नगर पंचायत बनने का , वहीं यहां के लोगों में मायूसियां आने लगी।
पेट पर मार पड़ने के बाद बगावत होना स्वाभाविक था और जब होल्डिंग टैक्स का बिल नगरवासियों के घर पहुंचने लगा ।
और क्रांतिकारी लोग सामने आने के लिए विबश होने लगे।
जमकर विरोध किया गया। नगरपंचायत का चुनाव को विरोध किया गया। प्रदर्शन किया गया। रैलियां निकाली गई। लोगों पर एफ आई आर किया गया। डोमचांच थाने में बुलाकर मानसिक रूप से प्रताड़ित किया गया। फिर भी लोग नहीं रुके। चुनाव नजदीक था। विरोध चरम पर था। रैलियां में उग्र प्रदर्शन किया जा रहा था। प्रशासन और राज्य सरकार परेशान थे। सबसे ज्यादा स्थानीय प्रशासन परेशान दिख रहा था। नामांकन का मात्र एक दिन बच रहा था। प्रशासन का नींद हराम हो रहा था।
प्रशासन ने तरकीब निकाली फूट डालो और शासन करो । चुनाव में जो प्रत्याशी उतरना चाह रहे थे; उनको लालच दिया; बड़ाई किया;पूर्ण सुरक्षा का आश्वासन दिया।तब जाकर कुछ प्रत्याशी नांमाकन के लिए डोमचांच ब्लॉक पहुंचे। नामांकन हुआ और फिर चुनाव। फिर भी,दो वार्डों ने चुनाव वहिष्कार में तटस्थ रहा।
पुरे चुनाव में होल्डिंग टैक्स कम करने का मुद्दा हावी रहा। सभी प्रत्याशियों के वायदे में होल्डिंग टैक्स ही दिखने लगा।
चुनाव के बाद परिणाम आने के बाद,
आज सभी जीते हुए जनप्रतिनिधि शपथ लेकर बोर्ड की बैठक किया।की निर्णय लिया।
पर ,कल सोमवार 12अप्रैल को यह समाचार मिला कि होल्डिंग टैक्स में छूट दी गई है तो डोमचांच नगर पंचायत में ही नहीं कोडरमा, झुमरी तिलैया नगरपालिका में क्रेडिट लेने का होड़ मचने लगा।
अगर क्रेडिट मिलना भी चाहिए तो डोमचांच नगर के आंदोलनकारियों को जो टैक्स में मामूली सी कटौती एक छोटी सी राहत पहुंचायेगी।