क्या है होर्मुज जलडमरूमध्य? और कैसे बंद होता है होर्मुज जलडमरूमध्य।
होर्मुज जलडमरूमध्य (Strait of Hormuz) फारस की खाड़ी और ओमान की खाड़ी के बीच स्थित एक अत्यंत महत्वपूर्ण और संकरा समुद्री मार्ग है। यह ईरान को ओमान (मुसन्दम प्रायद्वीप) से अलग करता है और वैश्विक तेल आपूर्ति का लगभग 20% से अधिक हिस्सा यहीं से गुजरता है, जो इसे दुनिया का सबसे महत्वपूर्ण ऊर्जा 'चोकपॉइंट' बनाता है।
अमेरिका और ईरान के बीच इस्लामाबाद वार्ता बेनतीजा होन के बाद ईरान द्वारा होर्मुज़ फिर बंद कर दिया गया है....
सवाल यह है कि जहाजों के गुजरने के लिए मुख्य शिपिंग चैनल का दोनों दिशाओं में केवल दो मील चौड़ा यह गलियारा बंद कैसे होता है? कोई बैरियर या टोल नाका होता है? जिससे रास्ता ब्लाक हो जाता है।
मगर ऐसा कुछ नहीं होता, दरअसल एक तो होर्मूज़ बंद होने की स्थिति में ईरान की नौसेना द्वारा तेज हमलावर नौकाओं, पनडुब्बियों या मिसाइलों से विदेशी ट्रांजिट जहाजों पर हमला करने या उन्हें रोककर आवाजाही बंद करने की चेतावनी जारी कर देती हैं।
दूसरे समंदर के पानी में बारूदी सुरंग लगाकर जहाजों का रास्ता अवरुद्ध किया जाता है और ईरान के युद्धपोतों द्वारा क्षेत्र को नियंत्रित करके किसी भी जहाज की एंट्री/एग्जिट रोका जाता है।
मगर होर्मूज को प्रभावी ढंग से "बंद" करने या ट्रैफिक को बहुत कम करने का एक महत्वपूर्ण तरीका उस क्षेत्र का GPS ब्लाक कर देना।
इसमें मजबूत रेडियो सिग्नल भेजकर असली GPS सैटेलाइट सिग्नल को ब्लॉक कर दिया जाता है। जमीन पर, जहाज पर, टावर पर या बैलून पर जैमर लगाकर GPS की फ्रीक्वेंसी पर बहुत मजबूत नॉइज सिग्नल भेजा जाता है और यह नॉइज असली सैटेलाइट सिग्नल को डूबो देता है।
इससे जहाजों का GPS काम करना बंद हो जाता है या गड़बड़ हो जाता है। फिर झूठे GPS सिग्नल भेजे जाते हैं, जिससे कैप्टन और शिप के पूरे आपरेटिंग सिस्टम को असली सिग्नल "सुनाई" नहीं देता GPS लॉक खो जाता है,जहाज का नेविगेशन सिस्टम गलत लोकेशन दिखाता है जिससे जहाज एक-दूसरे को सही जगह पर नहीं देख पाते और अपनी जगह पर खड़े हो जाते हैं। शिप की लोकेशन गायब हो जाती है या गड़बड़ हो जाती है।
होर्मूज में ईरान ने ऐसा किया , जहाजों का GPS बंद हो गया या जहाज ट्रैकिंग सिस्टम AIS प्रभावित हुआ। इससे जहाजों का आपस में टक्कर का खतरा बढ़ जाता है। नेविगेशन मुश्किल हो जाता है और खासकर संकरे होर्मूज में जहां सटीक पोजीशन जरूरी है। कई जहाज रुक जाते हैं, रिवर्स कोर्स ले लेते हैं, या AIS बंद कर देते हैं।
इंश्योरेंस कंपनियां जहाजों का कवरेज बंद कर देती हैं, क्योंकि कंपनियां जोखिम नहीं लेतीं। ईरान ने इसी GPS जेमिंग और स्पूफिंग का व्यापक इस्तेमाल किया और होर्मूज़ ब्लाक कर दिया।
जिस जहाज को जाने देना है उसे एक कोड दिया जाता है जिससे उसका GPS SYSTEM काम करने लगता है...इसी कोड की कीमत अब 2 मिलियन डॉलर है।