बेमौसम बारिश से मंडियों में गेहूं की खरीद रुकी, नियम न मानने से किसान परेशान।
राज्य खरीद एजेंसियों की जॉइंट कोऑर्डिनेशन कमेटी पंजाब का नियमों में ढील देने को लेकर लेटर।
जल्द ढील नहीं मिली तो मंडियां ठप हो जाएंगी।
लहरागागा, 12 अप्रैल (सुरेश जवाहर वाला)
पंजाब में रबी सीजन शुरू होने के साथ ही राज्य की ज़्यादातर मंडियों में गेहूं की आवक तेज़ी से बढ़ रही है और मंडियां भरने लगी हैं। लेकिन पिछले कुछ दिनों से हो रही बेमौसम बारिश ने न सिर्फ़ खेतों में खड़ी फसल को नुकसान पहुंचाया है, बल्कि मंडियों में आए गेहूं की क्वालिटी पर भी असर डाला है। इस वजह से किसानों को अपनी फसल बेचने में बड़ी मुश्किलों का सामना करना पड़ रहा है।
हालांकि सरकार ने 1 अप्रैल से सरकारी खरीद शुरू कर दी थी, लेकिन असल में कई मंडियों में खरीद का काम ठीक से नहीं चल रहा है। मौके पर देखा गया कि इंस्पेक्टर गेहूं खरीदने से मना कर रहे थे। इस बारे में जब इंस्पेक्टरों से बात की गई तो उन्होंने कहा कि गेहूं की क्वालिटी सरकार द्वारा तय खरीद के स्टैंडर्ड पर खरी नहीं उतर रही है, जिस वजह से वे खरीद नहीं कर पा रहे हैं।
इस मामले पर जॉइंट कोऑर्डिनेशन कमेटी ऑफ स्टेट प्रोक्योरमेंट एजेंसीज, पंजाब (पनग्रीन) के प्रेसिडेंट हरजीत सिंह खेरी (IFSU पंजाब) ने कहा कि सरकार द्वारा तय FAQ स्टैंडर्ड के अनुसार, सिर्फ 6 परसेंट माजू दाने (सिकुड़े हुए दाने) और 12 परसेंट नमी की इजाज़त है। लेकिन इस बार बेमौसम मौसम की वजह से मंडियों में आ रहे गेहूं में माजू दाने 15 परसेंट से ज़्यादा पाए जा रहे हैं। इसके साथ ही, बदरंग और खराब दानों की मात्रा भी बढ़ गई है, जिस वजह से गेहूं की क्वालिटी में कमी आई है।
उन्होंने आगे कहा कि आमतौर पर सरकार द्वारा F.A.Q क्वालिटी का गेहूं ही खरीदा जाता है, लेकिन इस बार URS कैटेगरी में काफी गेहूं आ रहा है। इस मामले को ध्यान में रखते हुए केंद्र सरकार की टीमें पंजाब पहुंच गई हैं और अलग-अलग मंडियों से सैंपल इकट्ठा कर रही हैं। जैसे ही केंद्र से नए निर्देश जारी होंगे, उसके हिसाब से तुरंत खरीद प्रक्रिया शुरू कर दी जाएगी।
अध्यक्ष ने यह भी साफ किया कि इंस्पेक्टर सरकार द्वारा जारी निर्देशों के अनुसार ही काम करेंगे और अगर कोई उन्हें धमकाता है, तो संगठन इसका कड़ा विरोध करेगा।
इस बीच, मंडियों में हालात चिंताजनक होते जा रहे हैं। जगह की कमी और एक ही समय में मंडियों में कंबाइन से तेजी से कटाई हो रही गेहूं की फसल पहुंचने के कारण ढेर लगने लगे हैं। अगर जल्द ही खरीद प्रक्रिया को सुचारू नहीं किया गया, तो आने वाले दिनों में किसानों के साथ-साथ आम लोगों को भी मुश्किलों का सामना करना पड़ सकता है।
अब सबकी निगाहें केंद्र सरकार की टीमों से आने वाले नए निर्देशों पर हैं, जिसके बाद ही मंडियों में खरीद प्रक्रिया पूरी तरह से रफ्तार पकड़ेगी।