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नशे की लत ने दोस्ती को बना खून की कहानी, घटना वाले दिन भी दोनों साथ जिए तो दोनों दोस्त बनकर, पर अलविदा आ गये दुश्मन बनकर

फारबिसगंज नीच संवाददाता मीडिया सीमांचल भारत। गुरुवार को हुई देहरे हत्याकांड की घटने पूरे इलाके को झकझोर कर रख दिया। ठेला चालक रवि और वाहन चालक नेवी में गहरी मित्रता थी। हल्की यह चर्चा सकारात्मक के बजाय नकारात्मक रूप में होती रहती है। दोनों रोज सुबह अपने=अपने घर नवी अमोना से और रवि चौहान टोला से निकालकर बाजार समिति स्थित विक्रांत चौक पहुंचते थे। यहीं से उनकी दिनचर्या की शुरुआत होती थी, जिसमें नसों का सेवन भी शामिल था। स्थानीय लोगों के अनुसार दोनों की दोस्ती का आधार क्या था यहां स्पष्ट नहीं, लेकिन साथ बैठकर नशा करता उनके आदत बन चुकी थी। इसी वजह से उनके चर्चा अक्सर होते रहते थे, और लोग इस हकीकत को स्वीकार भी करते थे। बताया जाता है की घटना वाले दिन भी दोनों साथ थे, लेकिन अचानक क्या हुआ कि यह दोस्ती खून बना हुआ है। साथ जीने मरने की कसमे खाने वाले इन दोस्तों का अंत जिस तरह हुआ, उसने सभी को हैरान कर दिया। पहले साथ काम, साथ नशा और फिर एक दूसरे के खिलाफ जानलेवा हमला यह पूरी कहानी फिल्मी पटकथा से काम नहीं लगती।

हर बिंदु पर हो रही है जांच

एसपी जितेंद्र कुमार ने भी कहा कि कौन, कब और किस परिस्थिति में ऐसी घटना को अंजाम दे दे, यह कहना मुश्किल है। उन्होंने मामले की गहराई से जांच की बात कही है। यह घटना न केवल दोस्ती और दुश्मनी के बीच की महीन रेखा कोई उजागर करती है। बल्कि नशे के दुष्परिणामों को भी सामने लगती है।जो किसी भी रिश्ते को खत्म कर सकती हैं। दोहरे हत्याकांड के बाद फारबिसगंज में घटनास्थल पर तैनात पुलिस फोर्स। जोगबनी ओमान निवासी मृतक नवी हुसैन के घर में शुक्रवार को मातम पसरा हुआ था। शुक्रवार को उनकी बेटी को देखने के लिए मेहमान आने वाला थे, नबी मेहमानों के लिए गुरुवार के दिन सामान लाने के लिए निकले हुए थे, लेकिन उसके पहले ही उनकी हत्या खबर ने पूरे परिवार की खुशियों छीन ली। जिस घर से कुछ दिन बाद शहनाई बजाने वाली थी आज वहां मातम का माहौल है। नवी अपने घर का इकलौता कमाने वाले था। नबी की पत्नी नूरजहां दो बेटा और एक बेटी का रो रो कर बुरा हाल।

वही रवि के बड़े भाई पप्पू कुमार चौहान ने घटना को लेकर कई अहमद बातें कही है। उन्होंने बताया कि रवि की संगति ठीक नहीं थे और घटना के समय वह और नवी हुसैन साथ बैठकर गंज पी रहे थे। हालांकि दोनों के बीच अचानक ऐसा क्या हुआ कि मामला हत्या तक पहुंच गया, अभी रहस्य बना हुआ है। पप्पू का मानना है कि इस घटना के पीछे पैसे का लेन =देन विवाद हो सकता है। पप्पू ने यह भी आरोप लगाया घटनास्थल में कई लोग मौजूद थे। वह समय में नबी हसनैन को घटना स्थल में बचा सकते थे।

फारबिसगंज से खास रिपोर्ट लाल मोहन चौपाल

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