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सुरों की अमर आवाज़ खामोश: आशा भोसले का 92 वर्ष की उम्र में निधन, संगीत जगत में शोक की लहर

मुंबई | भारतीय संगीत जगत से आज एक बेहद दुखद खबर सामने आई है। सुरों की अमर मलिका, महान पार्श्व गायिका Asha Bhosle का 92 वर्ष की आयु में मुंबई में निधन हो गया। उनके जाने से पूरे देश में शोक की लहर दौड़ गई है और संगीत जगत में एक ऐसा सन्नाटा छा गया है, जिसे भर पाना लगभग असंभव माना जा रहा है।

जानकारी के अनुसार, उन्हें 11 अप्रैल की शाम मुंबई के ब्रीच कैंडी अस्पताल में भर्ती कराया गया था। वे छाती के संक्रमण और अत्यधिक थकान से जूझ रही थीं। डॉक्टरों की तमाम कोशिशों के बावजूद उन्होंने 12 अप्रैल को अंतिम सांस ली। उनकी मृत्यु का कारण मल्टी-ऑर्गन फेल्योर बताया गया है।

उनके बेटे आनंद भोसले ने इस दुखद समाचार की पुष्टि की है। बताया जा रहा है कि उनका अंतिम संस्कार मुंबई के शिवाजी पार्क में पूरे सम्मान के साथ किया जाएगा।

करीब सात दशकों से अधिक लंबे करियर में आशा भोसले ने हजारों गीत गाए और अपनी आवाज से हर पीढ़ी को मंत्रमुग्ध किया। उन्होंने फिल्म संगीत, ग़ज़ल, भजन, पॉप और कई अन्य शैलियों में अपनी अलग पहचान बनाई। वे दुनिया की सबसे अधिक गीत रिकॉर्ड करने वाली गायिकाओं में शामिल रहीं और गिनीज वर्ल्ड रिकॉर्ड में भी उनका नाम दर्ज है।

प्रधानमंत्री सहित देशभर के नेताओं, कलाकारों और करोड़ों प्रशंसकों ने उन्हें श्रद्धांजलि दी है। हर किसी के शब्दों में एक ही भाव है—“यह सिर्फ एक कलाकार का नहीं, बल्कि एक युग का अंत है।”

आशा भोसले सिर्फ एक नाम नहीं थीं, बल्कि भारतीय संगीत की आत्मा थीं। उनकी आवाज में वो जादू था जो प्रेम, दर्द, खुशी और जीवन के हर रंग को जीवंत कर देता था।

आज भले ही उनकी आवाज खामोश हो गई हो, लेकिन उनके गीत हमेशा हर दिल में गूंजते रहेंगे…

“अलविदा आशा जी… आपका सुर कभी नहीं मरेगा।"

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