गृह कर पर बड़ा सवाल: संघर्ष समिति करेगी सच्चाई की पड़ताल
गाजियाबाद। गृह कर पीड़ित संघर्ष समिति ने नगर निगम की हाल ही में हुई प्रेस वार्ता पर गंभीर सवाल उठाए हैं। प्रेस वार्ता में हाउस टैक्स को पूर्व दरों पर जमा कराने की बात कही गई थी, लेकिन समिति ने इस घोषणा को तुरंत स्वीकार करने के बजाय उसकी वास्तविकता की गहन जांच करने का निर्णय लिया है।
समिति के पदाधिकारियों का कहना है कि बीते कई महीनों से नगर निगम और प्रशासन की ओर से लगातार आश्वासन दिए जा रहे हैं, लेकिन जमीनी स्तर पर स्थिति अब भी स्पष्ट नहीं हो पाई है। ऐसे में ताजा घोषणा के बाद भी कई महत्वपूर्ण प्रश्न अनुत्तरित बने हुए हैं।
समिति ने स्पष्ट किया कि जब तक इस निर्णय से संबंधित स्पष्ट आदेश, लिखित दिशा-निर्देश और उसका वास्तविक क्रियान्वयन सामने नहीं आता, तब तक यह तय करना मुश्किल है कि यह कदम वास्तव में जनता को राहत देने के उद्देश्य से उठाया गया है या फिर एक बार फिर “मीठी गोली” देकर भ्रम की स्थिति पैदा की जा रही है।
संघर्ष समिति ने कहा कि वह जल्द ही पूरे मामले की गहराई से जांच करेगी और तथ्यों के आधार पर जनता के सामने सच्चाई रखेगी। यदि नगर निगम की मंशा ईमानदारी से राहत देने की है तो उसका स्वागत किया जाएगा, अन्यथा समिति अपने आंदोलन को और तेज करने के लिए बाध्य होगी।
इस मौके पर पश्चिमी उत्तर प्रदेश संयुक्त उद्योग व्यापार मंडल के प्रदेश महामंत्री तिलक राज अरोड़ा, राष्ट्रीय व्यापार मंडल के जिला अध्यक्ष बालकृष्ण गुप्ता, उत्तर प्रदेश उद्योग व्यापार मंडल के जिला अध्यक्ष एवं समिति संयोजक प्रीतम लाल, राष्ट्रीय व्यापार मंडल के प्रदेश उपाध्यक्ष पंडित अशोक भारतीय, पश्चिमी उत्तर प्रदेश संयुक्त उद्योग व्यापार मंडल के महानगर अध्यक्ष ओमदत्त गुप्ता, समीर शर्मा, मधु माल बगीची रेजिडेंट वेलफेयर एसोसिएशन के विशाल गोस्वामी, संजय शर्मा, आशु पंडित, जीवन विहार आरडब्ल्यूए के मीडिया प्रभारी संजय शर्मा तथा भारतीय किसान मोर्चा (भानु) के प्रदेश उपाध्यक्ष अमित गोयल सहित कई व्यापारी एवं सामाजिक प्रतिनिधि उपस्थित रहे।