सुरों की साम्राज्ञी आशा भोसले का निधन, देशभर में शोक की लहर
मुंबई: सूत्र
भारतीय संगीत जगत को गहरा आघात पहुंचा है। दिग्गज पार्श्व गायिका आशा भोसले का 92 वर्ष की आयु में निधन हो गया। उनके निधन से फिल्म और संगीत उद्योग में शोक की लहर दौड़ गई है। बताया जा रहा है कि पिछले कुछ समय से वे अस्वस्थ थीं और मुंबई के एक निजी अस्पताल में उनका उपचार चल रहा था।
आशा भोसले ने अपने लंबे और शानदार करियर में हजारों गीतों को अपनी आवाज दी। हिंदी सिनेमा के साथ-साथ उन्होंने मराठी, बंगाली, गुजराती, पंजाबी और कई अन्य भाषाओं में भी गीत गाए। उनकी गायकी की खासियत यह रही कि उन्होंने हर शैली में खुद को ढाला—चाहे वह शास्त्रीय संगीत हो, ग़ज़ल, पॉप या फिल्मी गीत।
उनका नाम भारतीय संगीत इतिहास में स्वर्ण अक्षरों में दर्ज है। अपनी बहुमुखी प्रतिभा और अनूठी आवाज के कारण वे दशकों तक संगीत प्रेमियों के दिलों पर राज करती रहीं। उन्हें कई राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय पुरस्कारों से भी सम्मानित किया गया।
आशा भोसले के निधन पर फिल्म इंडस्ट्री से लेकर राजनीतिक जगत तक कई बड़ी हस्तियों ने गहरा दुख व्यक्त किया है। सोशल मीडिया पर भी उनके चाहने वाले उन्हें श्रद्धांजलि दे रहे हैं।
उनका जाना भारतीय संगीत जगत के लिए अपूरणीय क्षति माना जा रहा है। उनकी आवाज और उनके गीत हमेशा लोगों के दिलों में जीवित रहेंगे।